ITR फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती
सरकार ने हाल ही में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में फर्जीवाड़े की तगड़ी जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य है कि टैक्सपेयर्स द्वारा गलत या फर्जी दावा करके रिफंड लेने की प्रवृत्ति को रोका जा सके।
16% की गिरावट दर्ज
जांच और ऑडिट के प्रभाव से इनकम टैक्स रिफंड में 16% की गिरावट देखी गई है।
इसका मतलब है कि जिन लोगों ने अनजाने या जानबूझकर फर्जी क्लेम किए, उन्हें अब रिफंड नहीं मिलेगा।
सरकार की रणनीति
टैक्स विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि:
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फर्जी आईटीआर क्लेम रोक सके
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टैक्स सिस्टम की पारदर्शिता बढ़े
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सही टैक्सपेयर्स को समय पर रिफंड मिले
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम टैक्स चोरी को नियंत्रित करने और सरकारी राजस्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए
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सही और सत्यापित दस्तावेज़ के साथ ITR फाइल करें
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फर्जी क्लेम या गलत विवरण से बचें
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ऑनलाइन पोर्टल और ई-फाइलिंग गाइडलाइन का पालन करें
इस तरह की सावधानी से अनावश्यक जांच और रिफंड रोके जाने से बचा जा सकता है।