सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी की दुनिया में आज एक नई क्रांति देखने को मिली है। Meta ने घोषणा की है कि अब दीपिका पादुकोण उनकी AI वर्चुअल असिस्टेंट Meta AI की नई आवाज़ होंगी। यूज़र उनके “लड़ाओ गप” (chat) फीचर के ज़रिए अपनी समस्या बता सकते हैं और वो उसी आवाज़ में समाधान दे सकती हैं।
यह कदम Meta की ग्लोबल AI वॉयस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें स्थानीय और परिचित आवाज़ों के ज़रिए यूज़र अनुभव को और अधिक व्यक्तिगत बनाने की कोशिश की जा रही है।
फीचर्स और विस्तार
कहां और कैसे काम करेगी यह आवाज
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दीपिका की आवाज़ Meta AI के इंटरफ़ेस में उपयोगकर्ता विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी
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यह फीचर Ray-Ban Meta ग्लासेज़ और Meta AI ऐप दोनों में उपलब्ध रहेगा।
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फिलहाल इसे IN-EN (Indian English) भाषा विकल्प में पेश किया गया है।
हिंदी भाषा में सपोर्ट
Meta ने घोषणा की है कि इससे अब हिंदी भाषा में वॉयस इंटरेक्शन भी संभव होगा। इस सुविधा से टेक्नोलॉजी की पहुँच और सहज होगी। क्या है खास इस पहल में?
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पहली भारतीय सेलिब्रिटी आवाज़ — दीपिका पादुकोण पहली भारतीय हस्ती हैं जिनकी आवाज़ Meta AI में जोड़ने की घोषणा हुई है। यूज़र अनुभव में इंसानियत — ज्ञात आवाज़ होने की वजह से यूजर-एI इंटरैक्शन अधिक भरोसेमंद और सहज महसूस होगा।
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लोकलाइजेशन का कदम — हिंदी सपोर्ट और भारतीय अंग्रेज़ी वर्जन इसे भारतीय यूज़र्स के लिए अधिक प्रासंगिक बनाते हैं।
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प्रौद्योगिकी व सिनेमा का संगम — यह एक ऐसा पुल है जो ग्लोबल AI टेक्नोलॉजी और भारतीय सिनेमा पहचान को जोड़ता है।
दीपिका पादुकोण का बयान
दीपिका ने इस पहल को “pretty cool” कहा और उपयोगकर्ताओं को कहा: मैं अब Meta AI की हिस्सा हूँ और आप मेरी आवाज़ में इंग्लिश में मुझसे बात कर सकते हैं इंडिया, यूएस, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में
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संभावित चुनौतियाँ और विचारणीय बातें
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धार्मिक एवं सामाजिक संवेदनशीलता: किसी प्रसिद्ध हस्ती की आवाज़ को AI में बदलते समय सामाजिक और कानूनी पहलुओं का ध्यान रखना होगा।
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प्राइवेसी और डाटा सिक्योरिटी: उपयोगकर्ता की बातचीत और जानकारी सुरक्षित रहे — यह सबसे बड़ा प्रश्न है।
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सत्यापन और दायरा: AI के जवाब कितने विश्वसनीय होंगे और कहां तक AI निर्भर किया जा सकता है, यह जानना जरूरी है।