रायपुर। देश में ईंधन की जमाखोरी और अवैध खरीद-बिक्री को पूरी तरह रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अपने नए आदेश में सख्त गाइडलाइ जारी की है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। नए आदेश के मुताबिक अब कोई भी ग्राहक (बस संचालक, कॉमर्शियल समेत अन्य क्षेत्र के लोग) एकसाथ 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं ले पाएगा।
लंबी दूरी की यात्री बसों को अब आम जनता के लिए संचालित पेट्रोल पंपों से डीजल-पेट्रोल नहीं मिलेगा। अब बस ट्रैवल्स मालिकों व औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को बल्क पंप से ही निर्धारित कीमत पर डीजल एवं पेट्रोल खरीदना होगा। इस पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन ने सभी ऑयल कंपनियों के डीलरों के साथ बैठक करके नई गाइडलाइन को लेकर सख्त आदेश दिए।
कई मामले सामने आए
बैठक में यह भी कहा गया कि वर्तमान में कई मामले सामने भी आए हैं, जिसमें आम लोगों के लिए खुले पेट्रोल पंपों से औद्योगिक एवं व्यवसायिक ग्राहकों को डीजल-पेट्रोल बेचा जा रहा हैं। इसमें लंबी दूरी की यात्री बसें भी हैं, जो बल्क में डीजल-पेट्रोल चिल्हर पेट्रोल पंपों से खरीदी कर रहे हैं। इसके कारण दोपहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया वाहन चलाते हैं, उन्हें मिल नहीं पा रहा है।
इस तरह के हैं नियम
– कॉमर्शियल, इडंस्टि्रयल और इंस्टीट्यूशनल उपभोक्ता अब रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं खरीद सकेंगे।
– रिटेल पंप से एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल मिलेगा।
– डीजल सिर्फ वाहन के टैंक या पेसो अनुमोदित कंटेनर से मिलेगा।
– रिटेल पंप से खरीदे गए डीजल की दोबारा बिक्री पर रोक।
– सभी डीलर्स को सख्ती से पालन करना होगा।
– आदेश फिलहाल 90 दिनों तक लागू।?
– उल्लघंन पर कड़ी कार्रवाई।
आम पंप से खरीदकर बढ़ा रहे थे पैसा
औद्योगिक और कॉमर्शियल क्षेत्र के लोग आम (रिटेल पंप) से भारी मात्रा में डीजल-पेट्रोल खरीद रहे थे। इसके कारण जल्द ही पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे थे। यहां तक कि यहां से भारी मात्रा में डीजल की खरीदी पर आम लोगों के जैसे पेट्रोल प्रति लीटर 108 रुपए एवं डीजल 101 रुपए लगता है। जिससे ये काफी पैसे की भी बचत करते थे। अब इन्हें बल्क पंपों से ही बल्क में डीजल खरीदना पड़ेगा, जिससे बल्क पंपों में पेट्रोल प्रति लीटर 138 रुपए एवं डीजल 131 रुपए लगेंगे।
रेड और जब्ती के अधिकार
कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने जांच टीमों को असीमित अधिकार सौंप दिए हैं। अब केंद्र या राज्य सरकार के राजपत्रित अधिकारी, डीएसपी या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारी और तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर को किसी भी संदिग्ध ठिकाने, पेट्रोल पंप या वाहन की तलाशी लेने और अवैध ईंधन को तुरंत जब्त करने का पूरा अधिकार होगा।

