सावधान! बिहार में मोंथा चक्रवात का खतरा: मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, कई जिलों में तूफानी बारिश की चेतावनी – जानिए आज कैसा रहेगा मौसम

बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे “मोंथा चक्रवात” (Montha Cyclone) के असर से राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर दक्षिण और पूर्वी बिहार के जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है।

क्या है मोंथा चक्रवात?

मोंथा चक्रवात बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बन रहा एक निम्न दबाव क्षेत्र है, जो तेजी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, यह बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।

इस चक्रवात की वजह से राज्य में तेज हवाएं (40–60 किमी प्रति घंटा) और भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

किन जिलों में रहेगा ज्यादा असर

मौसम विभाग ने पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, सहरसा, कटिहार और दरभंगा सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अगले 24 से 48 घंटे के बीच भारी वर्षा, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

दूसरी ओर, उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं के चलने की उम्मीद है।

आज का मौसम कैसा रहेगा?

पटना और आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद कुछ जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

गया, दरभंगा और भागलपुर में भी बारिश के साथ हल्की ठंड महसूस की जा सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि “मोंथा चक्रवात” के कारण राज्य के कई इलाकों में अगले दो दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा। किसानों और मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे अगले 48 घंटे तक खेतों और जलाशयों के पास न जाएं।

विभाग ने यह भी कहा है कि अगले सप्ताह के अंत तक मौसम सामान्य होने लगेगा, लेकिन तब तक सतर्कता जरूरी है।

कृषि और दैनिक जीवन पर असर

चक्रवात का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। इस समय धान की कटाई और फसल भंडारण का काम चल रहा है। भारी बारिश के कारण कटाई और परिवहन कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश ज्यादा हुई, तो खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे धान की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।

दैनिक जीवन की बात करें तो पटना, गया, और मुजफ्फरपुर जैसे शहरी इलाकों में ट्रैफिक और बिजली की समस्या बढ़ सकती है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने का निर्देश दिया है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मौसम विभाग ने आम नागरिकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

घर से बाहर निकलने से पहले मौसम की स्थिति जान लें।

तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न खड़े हों।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज रखें।

प्रशासन और स्थानीय समाचार माध्यमों से जारी अलर्ट पर नजर बनाए रखें।

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात का असर 30 अक्टूबर तक रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे सिस्टम कमजोर पड़ेगा और मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि, ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

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