रायपुर। सेंट्रल जेल में बंद एक छात्र भी नीट री-एग्जाम में शामिल हुआ। हाईकोर्ट के विशेष आदेश के बाद जेल प्रशासन ने छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए थे। दरअसल, विचाराधीन मामले के इस छात्र ने री-नीट में शामिल होने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी। छात्र के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को ध्यान में रखते हुए, हाईकोर्ट ने उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी। इसके बाद पुलिस उसे डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित परीक्षा केंद्र लेकर पहुंची।
मौका दोबारा लेकिन गलती पुरानी
राजधानी के विभिन्न केंद्रों में रविवार को री नीट कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। रिपोर्टिंग टाइम 11 बजे था और गेट 1.30 बजे बंद कर दिया गया। पेपर दो बजे शुरू हुआ और 5.15 बजे अभ्यर्थी बाहर निकले। इस बार भी कई अभ्यर्थी वही गलती करते नजर आए जो हर बार करते रहे हैं। कोई कान की बाली पहनकर पहुंचा तो कोई रुमाल साथ लेकर आया।
इसी तरह स्टीकर लगी बोतल, रंगीन पानी बोतल, पेन लेकर भी अभ्यर्थी प्रवेश करने लगे जिन्हें रोका गया। कुछ अभ्यर्थी दो से तीन मिनट पहले पहुंचे। कई अभ्यर्थी कलरफुल आधार कार्ड लेकर नहीं आए थे। उन्हें एंट्री तो दी गई लेकिन डेढ़ बजे से पहले हर हाल में आधार कार्ड लाने को कहा गया। पत्रिका टीम ने कुछ सेंटर्स का मुआयना किया।
पास में गार्डन है वहां आराम कर लें पैरेंट्स
दरवाजे पर लगी घड़ी की टिकटिक शोर में सुनाई नहीं दे रही थी। सुनने में बस यही आ रहा था कि गाडिय़ां रोड के सामने से हटाइए। बच्चे भीतर चले गए हों तो पैरेंट्स साइड हो जाएं। पास में गार्डन है वहां आराम कर लें। इस पर पैरेंट्स कह रहे थे कि जब तक बच्चे का बॉयोमेट्रिक नहीं हो जाता हम खड़े रहेंगे। स्कूल के पास लगे पेड़ों की झुरमुट मेंं कुछ पैरेंट्स सुकून चाह रहे हैं। कुछ मम्मियां आपस में बातें कर रही हैं कि पेपर रद्द हुआ तो घर का माहौल कैसा था। गेट में खड़े अधिकारी किसी को रंगीन बोतल वापस करने कहते तो किसी को रुमाल, पेन और पानी बोतल में लगे स्टीकर को हटाने। कुछ छात्राओं को एंट्री मिलती लेकिन कान में मेटल होने के कारण दूसरे लेयर की जांच तक नहीं भेजा जाता।
तालियों से स्वागत
परीक्षा खत्म होते ही सभी सेंटर्स से निकले अभ्यर्थियों का स्वागत तालियों के साथ किया गया। शाम 5.15 बजे लॉन्ग बेल बजी और अभ्यर्थी निकलना शुरू हुए। पैरेंट्स की नजर अपने बच्चों पर थी कि वे कब बाहर आएंगे। जैसे ही बच्चे दिखाई देते वे तालियों से स्वागत करते और उन्हें गले लगाकर अपने साथ ले जाते।

