बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सुविधा सभी छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। इसका लाभ केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जिन्होंने पहले अपने अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था और जिनका रिजल्ट “नो चेंज” आया है। ऐसे छात्र अब अपनी उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच करवा सकेंगे, जिससे उन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया को समझने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का मौका मिलेगा।
सीबीएसई ने एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि इच्छुक छात्र अपने संबंधित रीजनल ऑफिस में जाकर आंसर बुक की जांच कर सकते हैं। इसके लिए बोर्ड जल्द ही विस्तृत शेड्यूल और प्रक्रिया जारी करेगा। यह नई व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। इससे पहले वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों के पास अपनी कॉपी की फिजिकल जांच कराने का कोई विकल्प नहीं होता था।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड का यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही इससे परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी। जिन छात्रों को अपने अंकों को लेकर संदेह है, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
