चक्रवात मोंथा (Cyclone Montha) ने आंध्र प्रदेश तट पर भारी तबाही मचाने के बाद अब ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर रुख कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे तक तटीय इलाकों में तेज हवाएं (120 किमी/घंटा तक) चलने और भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आंध्र प्रदेश में तबाही, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
मोंथा के लैंडफॉल के दौरान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम और विजय नगरम जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए और निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 12 टीमें तैनात की हैं।
ओडिशा और बंगाल में रेड अलर्ट
अब तूफान के उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ने से ओडिशा के गंजाम, पुरी, केंद्रपाड़ा, बालासोर और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, मिदनापुर, हावड़ा जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी के चलते मछुआरों को तट पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।
ट्रेनें और फ्लाइट्स रद्द
मौसम बिगड़ने के कारण 52 फ्लाइट्स और 120 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कोलकाता, भुवनेश्वर और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें सुरक्षा कारणों से रोकी गई हैं। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा टालने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट पर, स्कूल-कॉलेज बंद
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। राज्य सरकारों ने आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं और सभी जिला प्रशासन को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अगले 48 घंटे बेहद अहम IMD के अनुसार, Cyclone Montha अगले 48 घंटों में कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल सकता है, लेकिन तब तक भारी बारिश और बाढ़ की आशंका बनी रहेगी। तटीय राज्यों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।