Close Menu
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
What's Hot

मोहन भागवत के ‘जेन Z’ बयान का फडणवीस ने किया समर्थन, बोले देशहित में है संदेश, किसी एक दल तक सीमित नहीं

August 7, 2026

बंगाल SIR विवाद: चुनाव ट्रिब्यूनल प्रमुख की सुरक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कलकत्ता हाई कोर्ट को विचार करने का निर्देश

August 7, 2026

JPSC JSSC विवाद पर सियासी संग्राम तेज, निशिकांत दुबे ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, 13 अगस्त तक फैसले का इंतजार

August 7, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
Home»प्रदेश»पंडवानी की अमर स्वर साधिका नहीं रहीं: पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन, लोककला जगत में शोक की लहर
प्रदेश

पंडवानी की अमर स्वर साधिका नहीं रहीं: पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन, लोककला जगत में शोक की लहर

Daily PinchBy Daily PinchJuly 5, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

रायपुर। भारतीय लोककला की सबसे सशक्त आवाजों में शामिल पद्म विभूषण और प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर एम्स में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहीं तीजन बाई ने सुबह करीब 3:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि एम्स रायपुर के जनसंपर्क अधिकारी ने की है। इस दुखद खबर के बाद छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के कला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है।

कई सप्ताह से चल रहा था इलाज

जानकारी के अनुसार, तीजन बाई पिछले कई सप्ताह से रायपुर एम्स में भर्ती थीं। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। रविवार तड़के अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

संघर्षों से लिखी सफलता की नई कहानी

वर्ष 1956 में दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साहस और समर्पण की मिसाल रहा। उन्होंने महाभारत की कथा गायन पर आधारित पंडवानी लोककला को नई पहचान दिलाई और उसे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।

उस दौर में जब पंडवानी की कापालिक शैली पर पुरुष कलाकारों का वर्चस्व माना जाता था, तब तीजन बाई ने सामाजिक विरोध और तमाम बाधाओं के बावजूद इसी शैली को अपनाया। अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली अभिनय और हाथ में तंबूरा लेकर मंच पर उनकी प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

दुनियाभर में गूंजी छत्तीसगढ़ की लोकधुन

पांच दशक से अधिक लंबे कला जीवन में तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित दुनिया के कई देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने न केवल इस प्राचीन लोक परंपरा को जीवित रखा, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को भी इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया।

देश के सर्वोच्च सम्मानों से हुईं सम्मानित

लोककला के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए।

लोककला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

तीजन बाई का निधन केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। पंडवानी को नई पहचान देने वाली उनकी आवाज, कला के प्रति समर्पण और मंचीय प्रस्तुति आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनके योगदान को भारतीय लोककला के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Daily Pinch

Related Posts

भाई ही निकला सबसे बड़ा ठग! बहन-जीजा को लगाया 1.25 करोड़ का चूना …

August 7, 2026

दस दिन तक बदलता रहा ठिकाना, लेकिन पुलिस की रणनीति के आगे नहीं टिक सका फरार आरोपी

August 6, 2026

एटीएम में मददगार बनकर आया शातिर, कुछ मिनटों की लापरवाही ने खाते से उड़ा दिए 40 हजार रुपये

August 6, 2026

Latest News

देश

मोहन भागवत के ‘जेन Z’ बयान का फडणवीस ने किया समर्थन, बोले देशहित में है संदेश, किसी एक दल तक सीमित नहीं

By Daily PinchAugust 7, 2026
देश

बंगाल SIR विवाद: चुनाव ट्रिब्यूनल प्रमुख की सुरक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कलकत्ता हाई कोर्ट को विचार करने का निर्देश

By Daily PinchAugust 7, 2026
देश

JPSC JSSC विवाद पर सियासी संग्राम तेज, निशिकांत दुबे ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, 13 अगस्त तक फैसले का इंतजार

By Daily PinchAugust 7, 2026
देश

बायोमेडिकल वेस्ट निपटान में लापरवाही पर NGT सख्त, CPCB से मांगी गई नियमों के पालन की नई रिपोर्ट

By Daily PinchAugust 7, 2026
About Us
About Us

Daily Pinch एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है जहाँ आपको ताज़ा खबरें, ट्रेंडिंग अपडेट्स और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
Our Picks

मोहन भागवत के ‘जेन Z’ बयान का फडणवीस ने किया समर्थन, बोले देशहित में है संदेश, किसी एक दल तक सीमित नहीं

August 7, 2026

बंगाल SIR विवाद: चुनाव ट्रिब्यूनल प्रमुख की सुरक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कलकत्ता हाई कोर्ट को विचार करने का निर्देश

August 7, 2026

JPSC JSSC विवाद पर सियासी संग्राम तेज, निशिकांत दुबे ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, 13 अगस्त तक फैसले का इंतजार

August 7, 2026
Most Popular

खुजली करने से क्यों बढ़ जाती है परेशानी? जानिए कीड़े के काटने पर क्या करें और क्या नहीं

July 3, 2026301

शास्त्री नगर मार्केट औऱ शंकर नगर लोधी चौक सब्जी मार्केट में एकल उपयोग प्लास्टिक उन्मूलन हेतु जागरूकता अभियान आयोजित

June 16, 202639

रायपुर में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ बड़ा अभियान, हाई स्कूल बोरिया कला और बाजारों में लोगों को किया जागरूक

June 18, 202614
© 2026 Daily Pinch.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.