सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के पीएमश्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद पटेल के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय आदेश के बावजूद नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
दानसरा हाई स्कूल में जॉइनिंग नहीं लेने पर कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार, लक्ष्मी प्रसाद पटेल को पहले ही शासकीय हाई स्कूल दानसरा, विकासखंड सारंगढ़ में प्राचार्य पद का कार्यभार संभालने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अब तक वहां उपस्थित होकर पदभार ग्रहण नहीं किया, जिसे शासकीय आदेशों की अवहेलना माना गया है।
जांच पूरी होने तक संलग्नीकरण रहेगा प्रभावी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रकरण की जांच पूरी होने तक शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उनका संलग्नीकरण यथावत रखा गया है। इसी व्यवस्था के तहत उन्हें दानसरा हाई स्कूल में प्राचार्य के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।
स्कूल की व्यवस्था पर पड़ रहा असर
नोटिस में कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं होने से विभागीय जांच प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों और स्कूल संचालन पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि नोटिस मिलते ही संबंधित अधिकारी तत्काल दानसरा हाई स्कूल पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही आदेश का पालन नहीं करने के कारणों का विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।
जवाब नहीं देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या आदेश का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी को नियमानुसार विभागीय कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई नोटिस की प्रति
इस कार्रवाई की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। नोटिस की प्रतिलिपि सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा शासकीय हाई स्कूल दानसरा के प्राचार्य को प्रेषित की गई है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए शासकीय आदेशों का पालन अनिवार्य है। शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब प्राचार्य के जवाब के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

