रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। सात सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षा सचिव से हुई चर्चा में सहमति नहीं बनने के बाद फेडरेशन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान करते हुए 15 जुलाई को रायपुर में विधानसभा घेराव की घोषणा की है।
तीन चरणों में होगा आंदोलन
प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने प्रेस वार्ता में बताया कि संगठन ने लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन ठोस निर्णय नहीं होने के कारण अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में शिक्षा सचिव से चर्चा की गई। दूसरे चरण में संगठन के पदाधिकारी प्रदेशभर के सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद तीसरे और अंतिम चरण में 15 जुलाई को रायपुर में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
सरकार से वादे निभाने की मांग
राठौर ने कहा कि सहायक शिक्षकों से किए गए वादों को अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शिक्षकों को जो आश्वासन दिए गए थे, उन्हें अब अमल में लाने का समय आ गया है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
- टीईटी से जुड़े लंबित मामलों का जल्द सकारात्मक निराकरण किया जाए।
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्व सेवा का लाभ दिया जाए।
- प्रदेश की एकल शिक्षकीय शालाओं में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
- युक्तियुक्तकरण के दौरान मर्ज किए गए स्कूलों के साथ न्याय किया जाए।
- दोनों संस्थाओं से सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन कर वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
शिक्षकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील
फेडरेशन ने प्रदेश के सभी जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों के साथ सहायक शिक्षकों से 15 जुलाई को प्रस्तावित विधानसभा घेराव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख, प्रदेश सचिव राजू टंडन, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बख्श, आदित्य गौरव साहू, रंजीत बनर्जी, विकास कायरकर सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

