चाबहार बंदरगाह के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल पर हमला, भारत के निवेश और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं पर बढ़ी चिंता
अमेरिका की ओर से ईरान में किए गए ताजा सैन्य हमलों का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है। इन हमलों ने भारत और चीन जैसे प्रमुख एशियाई देशों के रणनीतिक और आर्थिक हितों को भी प्रभावित किया है। हमलों में ईरान के चाबहार बंदरगाह स्थित शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल और चीन से जुड़े एक महत्वपूर्ण रेल मार्ग को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
भारत की महत्वपूर्ण परियोजना पर पड़ा असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, चाबहार पोर्ट के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल पर हुए हमले में बंदरगाह के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। यह टर्मिनल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी व्यापारिक पहुंच संभव होती है। यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का भी प्रमुख हिस्सा है।बताया जा रहा है कि भारत इस टर्मिनल का संचालन 10 वर्षीय समझौते के तहत कर रहा है। परियोजना के विकास में भारत पहले ही करोड़ों डॉलर का निवेश कर चुका है। यदि बंदरगाह लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो भारत की क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान
ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमले में वेसल ट्रैफिक कंट्रोल टावर, बिजली व्यवस्था और बंदरगाह के अन्य महत्वपूर्ण ढांचे प्रभावित हुए हैं। इसके कारण शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना है।
चीन से जुड़ा रणनीतिक रेल पुल भी निशाने पर
हमलों के दौरान उत्तरी ईरान में स्थित उस महत्वपूर्ण रेलवे पुल को भी नुकसान पहुंचा है, जो ईरान, तुर्कमेनिस्तान और चीन को जोड़ने वाले रेल कॉरिडोर का अहम हिस्सा माना जाता है। यह मार्ग चीन के साथ व्यापार के अलावा रूस तक माल ढुलाई के लिए भी रणनीतिक महत्व रखता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित एजेंसियों ने पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है और जल्द यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रेल सेवाएं भी हुईं प्रभावित
हमलों के बाद तेहरान और मशहद के बीच कुछ रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है और प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक सड़क मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।
क्षेत्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। भारत, चीन और अन्य एशियाई देशों की कई रणनीतिक परियोजनाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं।

