PM Modi Australia Visit: तीन देशों की छह दिवसीय यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। शुक्रवार को उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में शामिल मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला क्रिकेटर लीजा स्टालेकर भी मौजूद रहीं।
MCG से जुड़ी हैं हर भारतीय की खास भावनाएं
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक मैदान पर पहुंचते ही हर भारतीय के मन में दो भावनाएं एक साथ आती हैं। पहली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले रोमांचक क्रिकेट मुकाबलों की याद और दूसरी यह एहसास कि दोनों देशों के लिए क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि साझा जुनून है।
उन्होंने कहा कि आज यहां किसी मुकाबले का दबाव नहीं, बल्कि खेल की खुशी, दोनों देशों की दोस्ती और भविष्य के खिलाड़ियों का उत्साह देखने को मिल रहा है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया में खेलों का भविष्य उज्जवल
प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कबड्डी, क्रिकेट और ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल से जुड़े युवा खिलाड़ियों से मिलने का अवसर मिला। बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास देखकर ऐसा लगा कि यह कोई प्रदर्शनी मैच नहीं, बल्कि भविष्य के चैंपियनों की तैयारी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलों का भविष्य बेहद मजबूत और संभावनाओं से भरा हुआ है।
चैंपियन बनने के लिए तीन गुण जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की मुलाकातों में क्रिकेट हमेशा एक स्वाभाविक चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और लीजा स्टालेकर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक सफल खिलाड़ी बनने के लिए प्रतिभा, मजबूत मानसिकता और निरंतर संघर्ष की क्षमता तीनों आवश्यक हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग को मिलेगा नया विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने एंथनी अल्बनीज के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप लॉन्च करने पर खुशी जताई। इस पहल के तहत क्रिकेट के साथ अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
भारत में हर क्षेत्र से उभर रही खेल प्रतिभाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में खेलों को गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ‘खेलो इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों ने नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर दिया है। अब देश का खेल कौशल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र से खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की तैयारियों पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। साथ ही वर्ष 2036 के ओलंपिक आयोजन की मेजबानी हासिल करने के लिए भी प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में खेल अधोसंरचना का बड़े स्तर पर विकास होगा, जिससे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनुभव साझा करने और सहयोग बढ़ाने के नए अवसर पैदा होंगे।

