महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को शुक्रवार को कल्याण कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में पेशी से पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए कोर्ट में पेश किए जाने के योग्य माना।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग अदालत ने नहीं मानी
गुरुवार को आरोपी पक्ष ने रमेश म्हात्रे की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अदालत के निर्देशानुसार शुक्रवार को उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश किया।
अस्पताल में विवाद के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, यह मामला डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि एक विवाद के दौरान अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ और डॉक्टरों सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया।
कोर्ट में जांच की स्थिति से कराया अवगत
गिरफ्तारी के बाद मेडिकल परीक्षण पूरा होने पर पुलिस आरोपी को कल्याण कोर्ट लेकर पहुंची। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत को मामले की प्रगति और अब तक जुटाए गए तथ्यों की जानकारी दी। मामले की सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर फिर छिडी बहस
इस घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ हिंसा की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। शिकायतकर्ताओं के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विवाद के दौरान किन लोगों की क्या भूमिका रही।
राजनीतिक हलकों में भी गर्माया मामला
शिवसेना पार्षद की गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पूरे प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश तथा पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।

