गांधीनगर। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी और उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के विज्ञापन देकर लोगों को जाल में फंसाता था और बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराने के बाद उनसे पैसे वसूलता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह ने देशभर में चार हजार से पांच हजार लोगों को निशाना बनाया हो सकता है।
दो राज्यों में चल रहे कॉल सेंटर पर कार्रवाई
पुलिस ने अहमदाबाद के वस्त्राल क्षेत्र में संचालित 15 सीटों वाले कॉल सेंटर पर छापा मारकर उसका संचालन बंद कराया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना में शुरू किए जा रहे एक अन्य कॉल सेंटर पर भी कार्रवाई की गई। दोनों स्थानों से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू होता था पूरा खेल
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के आकर्षक विज्ञापन प्रसारित करते थे। ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से दवाएं मंगाते थे। पार्सल की डिलीवरी और भुगतान के बाद गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर फोन करते और दावा करते कि खरीदी गई दवा प्रतिबंधित है तथा उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। गिरफ्तारी से बचने के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी।
पार्सल नहीं लेने वालों को भी बनाया जाता था शिकार
पुलिस के अनुसार जो लोग पार्सल स्वीकार नहीं करते थे, उन्हें पहले डॉक्टर और बाद में पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया जाता था। उन्हें यह कहकर डराया जाता था कि प्रतिबंधित दवा मंगाने के कारण उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। मामला खत्म कराने के नाम पर दो हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की मांग की जाती थी।
मास्टरमाइंड समेत सात लोग गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेंद्र राजावत, आर्यन रावल, अनिरुद्ध भदौरिया, सुमित दिवाकर, देवप्रताप सिंह भदौरिया, देवेंद्र सिंह राजावत और प्रिया कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक धीरेंद्र राजावत गिरोह का मुख्य संचालक था, जबकि प्रिया कुर्मी कॉल सेंटर के संचालन, टीम प्रबंधन और ठगी की प्रक्रिया को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाती थी।
पांच करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के मिले सुराग
डिजिटल जांच में पुलिस को 14 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें पांच करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। इन खातों से जुड़े मामलों की शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से दर्ज हैं। शिकायतें दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से संबंधित बताई गई हैं।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 44 मोबाइल फोन, 23 कंप्यूटर सीपीयू, दो लैपटॉप, एक मॉनिटर, तीन कॉलर आईडी फोन, तीन पेन ड्राइव, पांच बैंक पासबुक, एक चेक बुक, सात क्यूआर कोड, कॉल स्क्रिप्ट, यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के दो बॉक्स तथा विभिन्न आयुर्वेदिक कंपनियों के नाम वाली रबर स्टैंप जब्त की हैं।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों पर बिना जांच के भरोसा नहीं करने की अपील की है। साथ ही किसी भी दवा का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करने और ओटीपी, बैंकिंग विवरण, सीवीवी या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है।

