US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक घटनाक्रम के बीच अब ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
जमीनी सेना भेजने पर अमेरिका ने रखी स्पष्ट राय
एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान में सरकार बदलने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में जमीनी सैनिक नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान में कोई राजनीतिक परिवर्तन होना है, तो वह वहां की जनता की इच्छा और आंतरिक प्रक्रिया के जरिए ही होना चाहिए।
वेंस ने कहा कि अमेरिका किसी दूसरे देश में शासन परिवर्तन के लिए लगभग डेढ़ लाख सैनिक भेजने की नीति का समर्थन नहीं करता और उसका वर्तमान उद्देश्य व्यापक जमीनी युद्ध छेड़ना नहीं है।
अमेरिका की प्राथमिकता क्या है?
वेंस के अनुसार अमेरिका का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया में सामरिक स्थिरता बनाए रखने पर है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित होने से बचाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी रणनीतिक चिंताओं पर काम करना वाशिंगटन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
सत्ता परिवर्तन को लेकर बढ़ी चर्चाएं
ईरान के राजनीतिक हालात को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं जारी हैं। इसी बीच अमेरिकी नेतृत्व की ओर से आया यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका प्रत्यक्ष जमीनी सैन्य हस्तक्षेप के बजाय सीमित रणनीतिक और कूटनीतिक विकल्पों पर जोर देने की बात कर रहा है।हालांकि, क्षेत्र की स्थिति लगातार बदल रही है और भविष्य के घटनाक्रम दोनों देशों की सैन्य तथा कूटनीतिक रणनीति पर निर्भर करेंगे।

