Pakistan Army Chief Asim Munir का शांति राग: बोले– पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे

Pakistan Army Chief Asim Munir : पाकिस्तान जिसने पड़ोसी देशों को कभी शांति के साथ नहीं रहने दिया वो अब शांति के गीत गा रहा है। दुनिया जानती है कि ओसामा बिन लादेन को किसने शरण दी थ और वो कहा मारा गया था। इस बीच शांति के गीत कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर गुनगुना रहा है। मुनीर ने कहा है कि उनका देश सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है, लेकिन सीमा पार आतंकवाद की इजाजत नहीं देगा।

जिरगा के साथ मुनीर का संवाद सत्र

आसिम मुनीर ने पेशावर में कबायली वरिष्ठ नागरिकों की जिरगा (परिषद) के साथ एक संवाद सत्र के दौरान ये बात कही है। इस दौरान मुनीर को 11वीं कोर मुख्यालय में मौजूदा सुरक्षा माहौल, सैन्य तैयारियों और पाकिस्तान-अफगान सीमा पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए जारी आतंकवाद-रोधी प्रयासों पर विस्तृत जानकारी भी दी गई।

पाकिस्तान की सेना का बयान?

सेना के एक बयान के अनुसार, मुनीर ने पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच हालिया गतिरोध के दौरान सुरक्षा बलों को कबायली लोगों की ओर से दिए गए दृढ़ और बिना शर्त समर्थन की सराहना भी की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जंग में खैबर पख्तूनख्वा के बहादुर लोगों के साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि दी। कबायली वरिष्ठ नागरिकों ने आतंकवाद और अफगान तालिबान के खिलाफ सशस्त्र बलों को अपना पूर्ण समर्थन दोहराया।

आसिम मुनीर ने क्या कहा?

आसिम मुनीर ने कहा, “पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है लेकिन पड़ोसी मुल्क की जमीन से आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान से सीमा पार आतंकवाद जारी रहने के बावजूद पाकिस्तान ने धैर्य बनाए रखा है। मुनीर ने यह भी कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के मकसद से काबुल को कूटनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव भी दिए गए हैं।

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‘आतंकवाद से मुक्त होगा खैबर पख्तूनख्वा’

इस दौरान मुनीर ने कबायली वरिष्ठ नागरिकों को आश्वासन दिया कि पाकिस्तान, खासकर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत आतंकवादियों और उनके समर्थकों से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों ने सेना प्रमुख के भाषण को सराहा और शांति के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताई।

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