देश : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर्स का शानदार प्रदर्शन जारी है। पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में मणिपुर के खिलाड़ी ऋषिकांत सिंह चनंबम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस बड़ी उपलब्धि के बाद उन्होंने अपनी जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश को समर्पित किया।ऋषिकांत ने कहा कि यह मेडल सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने भारत सरकार, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन, सपोर्ट स्टाफ और अपने सहयोगियों का आभार जताया।
264 किलोग्राम वजन उठाकर जीता सिल्वर
ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग मुकाबले में कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया और दूसरा स्थान हासिल किया। मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया ने 260 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।मुकाबले के बाद ऋषिकांत ने अपनी जीत का श्रेय कड़ी मेहनत और बेहतर ट्रेनिंग को दिया। उन्होंने अपने कोच विजय शर्मा का विशेष रूप से धन्यवाद किया और कहा कि कोच ने उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी और दबाव से निपटने के लिए लगातार मार्गदर्शन दिया।
प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया मेडल
सिल्वर मेडल जीतने के बाद ऋषिकांत ने कहा कि उन्होंने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से मिल रहे समर्थन ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।उन्होंने कहा कि आज मिली सफलता में केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि पूरे खेल तंत्र का योगदान है। परिवार, कोच और टीम के सहयोग के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं होता।
केन्या के खिलाड़ी ने भी रचा इतिहास
वहीं, ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया ने भी इस जीत को अपने देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में पदक जीतना उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि यह केन्या की वेटलिफ्टिंग के लिए एक ऐतिहासिक पल है।जोशुआ ने बताया कि मुकाबला काफी कठिन था और उन्हें पदक जीतने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी ऋषिकांत की तारीफ करते हुए कहा कि अगले मुकाबले में वह बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगे।
भारत की पदक उम्मीदों को मिली मजबूती
ऋषिकांत सिंह की इस सफलता ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है। भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के लगातार शानदार प्रदर्शन से खेल प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की हर तरफ सराहना हो रही है।

