अनिल अंबानी एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने उनके रिलायंस ग्रुप की जांच के आदेश दे दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) अब ग्रुप की कई कंपनियों के वित्तीय लेनदेन और अनियमितताओं की गहन जांच करेगी। बताया जा रहा है कि यह कदम कुछ संदिग्ध सौदों और वित्तीय रिपोर्टों में पाई गई गड़बड़ियों के बाद उठाया गया है।
SFIO की जांच का दायरा व्यापक होगा, जिसमें ग्रुप की कई सहायक कंपनियां भी शामिल होंगी। सूत्रों के अनुसार, यह जांच रिलायंस ग्रुप की बैलेंस शीट, कर्ज की स्थिति और विदेशी निवेश से जुड़े सौदों पर केंद्रित रहेगी। माना जा रहा है कि हाल के वर्षों में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और ऋण पुनर्गठन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
गौरतलब है कि अनिल अंबानी पहले भी आर्थिक संकट के दौर से गुजर चुके हैं। उनकी कई कंपनियां कर्ज के बोझ तले दब गई थीं, और कुछ मामलों में अदालत तक को दखल देना पड़ा था। अब SFIO की जांच से रिलायंस ग्रुप पर फिर से दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में जांच के नतीजों से अनिल अंबानी के कारोबारी भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।
धमतरी की सोनिया बाई को पीएम मोदी के हाथों मिला पक्का घर, खुशी से छलक पड़े आंसू