Arunachal Pradesh: भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थलों की पहचान को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने राज्य सरकार के साथ समन्वय कर प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक फीचर्स के नामों को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के मानचित्रों में दर्ज कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य इन स्थानों की प्रमाणिक पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों के बीच उनके बारे में सही जानकारी पहुंचाना है।
21 आबादी वाले क्षेत्र, चार दर्रे, एक झील और एक स्मारक सूची में शामिल
गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आधिकारिक सूची में कुल 27 स्थान शामिल किए गए हैं। इनमें 21 आबादी वाले क्षेत्र, चार पर्वतीय दर्रे, एक झील और एक ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन स्थानों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने से प्रशासनिक रिकॉर्ड और भौगोलिक पहचान दोनों अधिक स्पष्ट होंगी।
सूची में लोंगजू, माजा, बिसा, बड़ा कुंडुन, छोटा कुंडुन, धन बारी, प्रीतनगर, बुद्ध मंदिर, जयरामपुर, टेरिटनगर, रामनगर, जसवंतगढ़, सागर, पद्मा, ज्योतिनगर, बैसाखी, छोटा रोपुक, बड़ा रोपुक, शिवाजी नगर, सुनपुरा और कामलांग नगर जैसे क्षेत्रों को स्थान मिला है।
इसके अलावा जो ला, रिजा ला, पुकुर ला और थाग ला को आधिकारिक पर्वतीय दर्रों के रूप में दर्ज किया गया है। शंभो सरोवर को झील और शेर-ए-थापा मेमोरियल को स्मारक की श्रेणी में शामिल किया गया है।
सीमा से जुड़े हालात के बीच आया अहम फैसला
सरकार का यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है, जब वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास सोशल मीडिया पर चीन की कथित गतिविधियों और घुसपैठ को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में आधिकारिक नक्शों में इन स्थानों की पहचान दर्ज करना रणनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने घुसपैठ की खबरों को किया खारिज
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में चीनी घुसपैठ की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी के साथ सीमाओं की सुरक्षा कर रही है। साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत कर हर सूचना की पुष्टि करने की बात भी कही।
गृह मंत्री बोले, अफवाहों पर भरोसा न करें
राज्य के गृह मंत्री मामा नटुंग ने भी सोशल मीडिया पर चल रहे घुसपैठ के दावों को अफवाह बताया। उन्होंने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय सुरक्षा बल पूरी ताकत और सतर्कता के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
भारतीय सेना पहले ही दे चुकी है स्थिति स्पष्ट
भारतीय सेना भी इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की कथित घुसपैठ और कैंप स्थापित करने संबंधी खबरों का खंडन कर चुकी है। सेना ने स्पष्ट किया था कि इस तरह की रिपोर्टें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। सेना के अनुसार सीमा पर सभी जवान पूरी सतर्कता के साथ तैनात हैं और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।

