कर्नाटक : पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विपक्ष की ओर से उठाई जा रही इस्तीफे की मांग का जवाब दिया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना उसे दोषी साबित नहीं करता और सरकार पूरे मामले को कानून के दायरे में रहकर देखेगी।
विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल
बी. नागेंद्र के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर दबाव बना रहा है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डी.के. शिवकुमार ने कहा कि देश में ऐसा कौन है, जिसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ हो। उन्होंने कहा कि केवल केस दर्ज होने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
एच.डी. कुमारस्वामी का भी लिया नाम
शिवकुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि क्या कुमारस्वामी को किसी मामले में जमानत नहीं मिली थी। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि देश में कितने ऐसे मंत्री हैं, जो विभिन्न मामलों में जमानत पर नहीं हैं। उनका कहना था कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
नागेंद्र के राज्य छोड़ने की जानकारी से किया इनकार
पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के कर्नाटक छोड़ने की अटकलों पर भी उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि नागेंद्र राज्य से बाहर चले गए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत की ओर से भी ऐसा कोई आदेश सामने नहीं आया है, जिसमें किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि हुई हो।
कानून के अनुसार होगी कार्रवाई
डी.के. शिवकुमार ने दोहराया कि सरकार किसी भी मामले में कानून से बाहर जाकर फैसला नहीं करेगी। यदि जांच की आवश्यकता होगी तो वह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे का निर्णय लेगी।
विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप
उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चर्चा के लिए मुद्दों की जरूरत होती है और इसी कारण वह लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। उनके मुताबिक सरकार राजनीतिक दबाव के बजाय कानून के अनुसार काम करेगी।
कैबिनेट फेरबदल पर भी बनी हुई है नजर
दिल्ली दौरे के दौरान शिवकुमार से कर्नाटक की राजनीति और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी सवाल पूछे गए। हालांकि उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। राजनीतिक गलियारों में उनके दौरे को कांग्रेस नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकों और संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे की जांच पर टिकी हैं निगाहें
बी. नागेंद्र से जुड़े मामले को लेकर अब सबकी नजर जांच की प्रगति और संभावित कानूनी कार्रवाई पर है। दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए घटनाक्रम कर्नाटक की राजनीति को और गर्मा सकते हैं।

