लाइफस्टाइल ; रसोई में रखी अदरक अगर सूख गई है, तो उसे तुरंत कूड़े में डालने की जरूरत नहीं है। यदि उसमें सड़न नहीं है और छोटे अंकुर या आंखें दिखाई दे रही हैं, तो उसी टुकड़े से घर में नया अदरक का पौधा तैयार किया जा सकता है। गमले में इसे उगाने के लिए बहुत ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं होती। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि एक पौधे से पूरे साल लगातार अदरक मिलने की गारंटी नहीं होती। फसल तैयार होने में कई महीने लग सकते हैं और परिणाम मिट्टी, मौसम, गमले तथा देखभाल पर निर्भर करता है।
सही टुकड़ा चुनना ही पहली कामयाबी की कुंजी है
अदरक लगाने के लिए ऐसा टुकड़ा चुनें जिसमें छोटी-छोटी आंखें या अंकुर मौजूद हों। बहुत ज्यादा सड़ी, मुलायम या खराब अदरक से पौधा तैयार होने की संभावना कम हो सकती है।
अगर अदरक बाहर से थोड़ी सूखी है लेकिन अंदर से स्वस्थ है और उस पर अंकुर निकलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो उसे पौधा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
गमले में लगाने से पहले इस छोटी तैयारी को न भूलें
अदरक को कुछ छोटे हिस्सों में काटा जा सकता है। कोशिश करें कि हर टुकड़े में कम से कम एक या दो स्वस्थ आंखें जरूर रहें।
कटे हुए हिस्से को तुरंत मिट्टी में डालने के बजाय थोड़ी देर खुली जगह पर रखने से कटे भाग पर हल्की परत बनने में मदद मिल सकती है। इसके बाद टुकड़े को मिट्टी में बहुत गहराई तक दबाने के बजाय सतह के पास लगाकर ऊपर से हल्की मिट्टी डालें।
गमले में नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होना बेहद जरूरी है। पानी रुकने पर जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
मिट्टी ऐसी रखें जिसमें पानी टिके नहीं
अदरक के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी आसानी से बाहर निकल सके और जैविक पदार्थ भी मौजूद हों। सामान्य बागवानी वाली मिट्टी में कम्पोस्ट या अच्छी तरह तैयार जैविक खाद मिलाई जा सकती है।
बहुत भारी या लगातार गीली मिट्टी से बचना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी जमा रहने पर जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
धूप और पानी का संतुलन पौधे के लिए सबसे जरूरी है
गमले को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पौधे को अच्छी रोशनी मिलती रहे। बहुत तेज गर्मी के दौरान लंबे समय तक सीधी कड़ी धूप से पौधे को बचाना उपयोगी हो सकता है।
मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें, लेकिन उसे पानी से भरा हुआ न रखें। कितनी बार पानी देना है, इसका कोई एक नियम नहीं है। मौसम, तापमान और मिट्टी की नमी देखकर पानी देने का अंतर तय करना बेहतर रहेगा।
अदरक तैयार होने में लगेगा समय, इसलिए जल्दबाजी न करें
अदरक ऐसी फसल नहीं है जिसे कुछ ही दिनों में खोदकर इस्तेमाल किया जा सके। इसे विकसित होने में कई महीने लग सकते हैं।
जब पौधे की पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगें और ऊपर का हिस्सा सूखने लगे, तब यह संकेत हो सकता है कि मिट्टी के नीचे अदरक विकसित हो चुकी है। पूरी तरह तैयार कंद पाने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है।
क्या एक गमले से पूरे साल अदरक मिलती रहेगी
एक ही पौधे से लगातार पूरे साल ताजी अदरक मिलने की उम्मीद करना सही नहीं है। पौधे की फसल का समय पूरा होने के बाद उसे दोबारा उसी तरह लगातार उत्पादन देने वाला पौधा नहीं माना जा सकता।
हालांकि, घर में अलग-अलग समय पर अदरक के नए स्वस्थ टुकड़े लगाकर पौधों का क्रम बनाया जा सकता है। इससे अलग-अलग समय पर फसल तैयार होने की संभावना बढ़ सकती है और घर में अदरक की उपलब्धता लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
रसोई की सूखी अदरक को ऐसे दें एक और मौका
अगर घर में रखी अदरक पूरी तरह खराब नहीं हुई है और उसमें स्वस्थ आंखें मौजूद हैं, तो उसे फेंकने के बजाय गमले में लगाने का प्रयोग किया जा सकता है। सही मिट्टी, पर्याप्त रोशनी, नियंत्रित पानी और थोड़े धैर्य के साथ यही पुराना टुकड़ा नया पौधा बनने की शुरुआत कर सकता है।
बस इतना ध्यान रखें कि घर पर उगाई गई अदरक की पैदावार और समय मौसम तथा देखभाल के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे आसान घरेलू बागवानी प्रयोग के तौर पर अपनाना ज्यादा बेहतर है।

