नई दिल्ली — भारत की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा, “भारत टैक्सी”, का मंगलवार 2 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में पायलट परिचालन शुरू हो गया। इस सेवा से अब तक 51,000 से अधिक ड्राइवर (कार, ऑटो और बाइक सहित) पंजीकृत हो चुके हैं।
भारत टैक्सी, Sahakar Taxi Cooperative Limited (एम.एस.सी.एस अधिनियम 2002 के तहत पंजीकृत), द्वारा संचालित है। इसके तहत ड्राइवरों को पारंपरिक टैक्सी-ऐप्स की तरह कमीशन नहीं देना होगा; हर राइड की पूरी कमाई उन्हें मिलेगी — यानी यह “जीरो कमीशन मॉडल” पर आधारित है।
सरकारी सहकारिता संस्थाओं के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का मकसद टैक्सी-ड्राइवरों को अधिक आय, पारदर्शिता और बेहतर वर्किंग कंडीशन देना है। भारत टैक्सी का पायलट संचालन दिल्ली में शुरू हुआ है; साथ ही गुजरात में भी ट्रायल शुरू होने की जानकारी है। प्रारंभ में 650 से अधिक ओनर-ड्राइवर इस प्लेटफार्म के साथ जुड़ने वाले थे।
आगे की योजना इस सेवा को अन्य बड़े शहरों तक विस्तारित करने की है, जिससे यह एक राष्ट्रीय स्तर की को-ऑपरेटिव राइड-हेलिंग सेवा बन सके। यात्रियों को वह सुविधा मिलेगी जो वे पारंपरिक टैक्सी या ऐप-आधारित सेवा में देखते हैं — मोबाइल बुकिंग, फ़ेयर ट्रांसपरेंसी, ड्राइवर और वीकल ट्रैकिंग, 24×7-कस्टमर सपोर्ट आदि। ड्राइवरों को अपनी कमाई पूरी मिलेगी, और वे कमीशन या सर्ज चार्जेज़ जैसी झंझटों से मुक्त होंगे। मॉडल को देशी सहकारिता संस्थाओं के द्वारा संचालित किया गया है — जिससे पारदर्शिता और भरोसे का दबाव बना रहेगा।