रायगढ़। सहारा इंडिया परिवार से जुड़े करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे सहारा इंडिया के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।आरोपी पर 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ के कोतरारोड़ क्षेत्र से पकड़ा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
हजारों निवेशकों की जमा पूंजी फंसी, शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, सहारा इंडिया की अलग-अलग योजनाओं में जिले के हजारों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी कई लोगों को उनकी रकम वापस नहीं मिली।राशि वापसी को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए, लेकिन तय समय के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
जांच में अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
मामले की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि सहारा इंडिया की शाखा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही है।निवेशकों की शिकायतों और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी कार्रवाई के तहत ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार किया गया है।
तीन साल तक बदलता रहा ठिकाना, पुलिस ने ऐसे दबोचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने कोतरारोड़ इलाके में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत ने भेजा जेल, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद विजय कुमार शराफ को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निवेश से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की हो रही जांच
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि सहारा इंडिया धोखाधड़ी मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस निवेशकों से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

