बिहार चुनाव 2025 में RJD का बड़ा एक्शन: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 27 नेताओं को किया बाहर, जानिए पूरी लिस्ट और वजह

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजनीति का माहौल दिन-ब-दिन गर्माता जा रहा है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा कदम उठाते हुए 27 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इन नेताओं पर आरोप है कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और RJD की नीतियों तथा उम्मीदवारों के खिलाफ काम कर रहे थे। यह कार्रवाई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के निर्देश पर की गई है।

RJD का अनुशासनात्मक कदम

जानकारी के मुताबिक, जिन 27 नेताओं को पार्टी से बाहर किया गया है, वे या तो निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहे थे या विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों को समर्थन दे रहे थे। इससे पार्टी की छवि और संगठनात्मक एकजुटता पर असर पड़ रहा था। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए RJD ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया।

प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा,

> “RJD में अनुशासन सर्वोपरि है। जो भी पार्टी लाइन से हटकर काम करेगा या संगठन को कमजोर करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 27 नेताओं की सूची

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निष्कासित नेताओं में जिला और प्रखंड स्तर के कई कार्यकर्ता, पूर्व मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि और कुछ पूर्व प्रत्याशी शामिल हैं। इनमें पटना, समस्तीपुर, सीवान, मधेपुरा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, नवादा और गया जिलों के नेता शामिल हैं।

हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक बयान में सिर्फ इतना कहा है कि “सभी 27 नेताओं के नाम संगठन की अनुशासन समिति को सौंपे गए हैं और उन्हें भविष्य में पार्टी से कोई संबंध रखने की अनुमति नहीं होगी।”

चुनावी रणनीति के तहत बड़ा संदेश

RJD के इस कदम को चुनाव पूर्व अनुशासनात्मक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में इस समय चुनावी सरगर्मी चरम पर है, और सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में पार्टी विरोधी गतिविधियों पर लगाम कसने से RJD ने अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अनुशासन तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम RJD की संगठनात्मक मजबूती और आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करने की कोशिश है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कई जिलों से यह खबरें आ रही थीं कि कुछ स्थानीय नेता टिकट न मिलने से नाराज़ होकर निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं।

 तेजस्वी यादव का रुख सख्त

RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी हाल ही में कार्यकर्ताओं से कहा था कि पार्टी की नीतियों के खिलाफ बोलने या काम करने वालों के लिए RJD में कोई जगह नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि “अनुशासन ही संगठन की ताकत है।” यही कारण है कि पार्टी ने इस बार बिना किसी देरी के कड़ा कदम उठाया।

विपक्षी दलों में हलचल

RJD के इस ऐक्शन के बाद अन्य विपक्षी दलों में भी हलचल मच गई है। खासकर कांग्रेस और जेडीयू के कई स्थानीय नेताओं ने इसे “चुनावी दबाव में लिया गया कदम” बताया है। वहीं, भाजपा के प्रवक्ता ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “RJD में अब बगावत आम बात हो गई है, इसलिए उन्हें रोज निष्कासन की जरूरत पड़ रही है।

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