बिलासपुर के खपरगंज इलाके में हुए पथराव और हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी माकरी गांव में अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर पर छिपा हुआ था। इस मामले में दूसरे पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
दोस्त के घर छिपकर रह रहा था ठाकुर राम सिंह
खपरगंज में बवाल और पथराव के बाद से पुलिस ठाकुर राम सिंह की तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। साथ ही उसके रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ कर उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को उसके पन्ना जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने माकरी गांव में दबिश दी और ठाकुर राम सिंह को उसके दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर से पकड़ लिया।
मामले में अब तक 50 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार राम सिंह गुट से जुड़े पांच आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। अब मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह के पकड़े जाने के बाद मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 50 हो गई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में उसकी भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
वीडियो जारी कर राम सिंह ने खुद को बताया था निर्दोष
घटना के बाद ठाकुर राम सिंह का एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि उसे धर्म के लिए आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
वीडियो में उसने अपनी गिरफ्तारी और जेल में जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी। उसने अपने माता-पिता की देखभाल करने की अपील की थी और सरेंडर करने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उसके रायपुर चले जाने की जानकारी सामने आई थी।
उसके वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
28 अगस्त की रात कैसे शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, 28 अगस्त की रात बिलासपुर के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर मामला बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की स्थिति बन गई।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान तारबाहर थाना प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस अब मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

