छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए हालिया ट्रेन हादसे को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, जिस ट्रेन का एक्सीडेंट हुआ, उसे चलाने वाला लोको पायलट साइकोलॉजिकल (साइको) टेस्ट में फेल पाया गया था। यह बात सामने आने के बाद रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, रेलवे के सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी ड्राइवर को ट्रेन चलाने से पहले साइको टेस्ट पास करना जरूरी होता है, ताकि उसकी मानसिक स्थिरता और निर्णय क्षमता का मूल्यांकन हो सके। लेकिन इस मामले में संबंधित अधिकारी की लापरवाही के चलते फेल उम्मीदवार को ट्रेन चलाने की अनुमति दी गई थी।
हादसे के बाद जांच टीम ने कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर समय रहते मानकों का पालन किया जाता, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल रेलवे ने इस मामले में आंतरिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।