नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में लगातार जारी हंगामे के बीच सरकार ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक को लोकसभा से पारित करा लिया। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच यह विधेयक बिना चर्चा के ध्वनिमत से मंजूर हो गया।
सत्र की शुरुआत से जारी है टकराव
20 जुलाई से शुरू हुए मॉनसून सत्र के पहले सप्ताह में नीट पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को लगातार घेरा। दूसरे सप्ताह की शुरुआत भी हंगामे के साथ हुई। हालांकि बाद में सदन की कार्यवाही सामान्य हुई, लेकिन एंटी पेपर लीक बिल को छोड़ किसी अन्य विधेयक पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
सरकार ने पांच विधेयक कराए पारित
संसद में गतिरोध के बावजूद सरकार ने अब तक लोकसभा से तीन और राज्यसभा से दो विधेयक पारित करा लिए हैं। शुक्रवार को लोकसभा ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दे दी।
गृह राज्य मंत्री ने पेश किया विधेयक
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने गृह मंत्री अमित शाह की ओर से यह विधेयक सदन में पेश किया। उस समय सदन में विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
बिना चर्चा ध्वनिमत से हुआ पारित
कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने विधेयक को सीधे विचार और पारित करने के लिए सदन के सामने रखा। विपक्षी सांसद वेल में पहुंचकर विरोध करते रहे, लेकिन शोर-शराबे के बीच ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया।
रिजिजू ने विपक्ष को दी नसीहत
विधेयक पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बाद में बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि सरकार ने बिना चर्चा के विधेयक पारित करा दिए। उनका कहना था कि सदन की कार्यवाही में सहयोग करना विपक्ष की भी जिम्मेदारी है।

