मुरैना। जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बिंडवा गांव में क्वारी नदी पर करीब दो वर्ष पहले बनाए गए पुल में गंभीर दरारें दिखाई देने लगी हैं। इतना ही नहीं, पुल से जुड़ी एप्रोच रोड भी कई जगह धंस गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
एक साल में दिखने लगी थीं दरारें
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण के करीब एक वर्ष बाद ही उसमें दरारें नजर आने लगी थीं। सड़क धंसने के बाद ठेकेदार ने सीसी सड़क के ऊपर डामर बिछाकर मरम्मत की, लेकिन पहली ही बारिश में यह परत उखड़ गई और सड़क पर कई बड़े गड्ढे बन गए।
सुरक्षा दीवारों में भी आईं बड़ी दरारें
पुल की एप्रोच रोड के नीचे बनी सुरक्षा दीवारों की हालत भी खराब हो चुकी है। दीवारों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं। आरोप है कि इन्हें छिपाने के लिए कुछ स्थानों पर सीमेंट और रेत भर दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो दीवार गिरने का खतरा बना रहेगा।
रपटे की हालत भी बदहाल
पलपुरा गांव के पास क्वारी नदी पर बने रपटे की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां एक सुरक्षा दीवार पहले ही ढह चुकी है और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दौरान रपटे के ऊपर से पानी बहने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
रेलिंग नहीं होने से बढ़ा जोखिम
स्थानीय लोगों का कहना है कि रपटे के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक संतुलन खो दे या ओवरटेक करने का प्रयास करे तो वाहन सीधे नदी में गिर सकता है। ग्रामीणों ने जिले के अन्य क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियाओं की भी समय पर मरम्मत कराने की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने कहा कि बिंडवा पुल की स्थिति की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम भेजी जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

