बहुत से लोगों को दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस, दस्त, एलर्जी या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में शरीर को जरूरी पोषण मिलना चुनौती बन सकता है। आयुर्वेद के अनुसार यदि दूध अनुकूल न हो, तो उसकी जगह कुछ प्राकृतिक विकल्प अपनाकर भी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। हालांकि, यदि आपको दूध से एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है, तो किसी भी बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
दूध से क्यों होती है परेशानी?
दूध से जुड़ी समस्या मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहली, लैक्टोज इनटॉलरेंस, जिसमें शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज नामक शर्करा को ठीक से पचा नहीं पाता। दूसरी, मिल्क प्रोटीन एलर्जी, जिसमें शरीर दूध के प्रोटीन को नुकसानदायक मानकर प्रतिक्रिया देने लगता है।
इसके कारण त्वचा पर चकत्ते, सूजन, उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में एनाफिलेक्सिस जैसी स्थिति भी बन सकती है। आयुर्वेद इसे कमजोर पाचन शक्ति और दोषों के असंतुलन से भी जोड़कर देखता है।
अलसी, मेवे और सूखे फलों से बनाएं पौष्टिक ड्रिंक
अगर आप पौष्टिक और प्राकृतिक विकल्प चाहते हैं, तो बादाम, सूखे अंजीर, किशमिश और अलसी के बीजों का मिश्रण बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
कैसे बनाएं?
रातभर बादाम, सूखे अंजीर, किशमिश और अलसी के बीज पानी में भिगो दें। सुबह इन्हें अच्छी तरह पीसकर छान लें। जरूरत हो तो बचा हुआ मिश्रण दोबारा पीसकर फिर छान लें। इससे तैयार पेय शरीर को ऊर्जा, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।
चावल का दूध भी है हल्का और आसान विकल्प
जिन लोगों को नट्स या अन्य बीजों से एलर्जी है, उनके लिए चावल का दूध अच्छा विकल्प हो सकता है। यह हल्का होता है और आसानी से पच सकता है। हालांकि जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्या है, उन्हें इसका सीमित सेवन करना चाहिए।
बनाने की विधि
एक कप पके हुए चावल में तीन से चार कप पानी मिलाकर ब्लेंड करें। इसके बाद मिश्रण को छान लें। स्वाद और पाचन के लिए इसमें दालचीनी, सूखी अदरक या काली मिर्च की थोड़ी मात्रा मिलाई जा सकती है।
बादाम का दूध पोषण से भरपूर
बादाम का दूध सबसे लोकप्रिय प्लांट बेस्ड विकल्पों में से एक माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं।
कैसे तैयार करें?
करीब 10 से 15 बादाम को दो से तीन घंटे तक गर्म पानी में भिगो दें। इसके बाद छिलका हटाकर दो कप पानी के साथ ब्लेंड करें। चाहें तो स्वाद के लिए शहद या खजूर का सिरप मिला सकते हैं। अंत में इसे छानकर इस्तेमाल करें। इलायची, दालचीनी या केसर मिलाने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
ओट मिल्क भी बन सकता है हेल्दी विकल्प
ओट मिल्क में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है और यह कई लोगों के लिए दूध का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
बनाने का तरीका
एक कप रोल्ड ओट्स में तीन से चार कप ठंडा पानी मिलाकर ब्लेंड करें। इसमें थोड़ा शहद और दालचीनी मिलाकर मिश्रण को छान लें। तैयार ओट मिल्क को सीमित मात्रा में सेवन करें।
किस बात का रखें ध्यान?
यदि दूध पीने के बाद बार-बार एलर्जी, पेट संबंधी परेशानी या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना जांच के केवल विकल्पों पर निर्भर न रहें। पहले यह पता करें कि समस्या लैक्टोज इनटॉलरेंस की है या मिल्क प्रोटीन एलर्जी की। सही कारण की पहचान होने के बाद ही अपने खानपान में बदलाव करना सबसे सुरक्षित और लाभदायक रहेगा।

