धमधा। दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में महिलाओं को ऋण दिलाने के नाम पर एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
ऑडिट में सामने आई करोड़ों की गड़बड़ी
पुलिस के अनुसार, सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अशोक कुमार वर्मा ने 4 जुलाई को थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई थी। संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने का अनुबंध है। आंतरिक ऑडिट के दौरान धमधा शाखा में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
267 महिला ग्राहकों से हुई कथित धोखाधड़ी
जांच में पता चला कि शाखा प्रबंधक और कुछ कर्मचारियों ने ऋण की किस्त, लोन क्लोजर और अन्य मदों में ग्राहकों से प्राप्त रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं की। संस्था ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और राशि जमा करने का अवसर दिया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। विस्तृत जांच में सामने आया कि 267 महिला ग्राहकों से प्राप्त कुल 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये का कथित रूप से गबन किया गया।
मामला दर्ज कर शुरू हुई जांच
शिकायत के आधार पर धमधा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और दस्तावेजों, गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस ने साजा निवासी 23 वर्षीय अनिल विश्वकर्मा और पाटन निवासी 31 वर्षीय संदीप कुमार खूंटीहरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने महिलाओं से प्राप्त ऋण की किस्तों और लोन क्लोजर की रकम कंपनी में जमा करने के बजाय उसका कथित दुरुपयोग किया। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धोखाधड़ी का दायरा कितना बड़ा है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका रही या नहीं।

