बलरामपुर। बलरामपुर जिले के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने रामानुजगंज जिला जेल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में निरुद्ध कैदियों की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बंदियों को सुरक्षित वातावरण के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनके अधिकारों और आवश्यक जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए।
कैदियों से की सीधी बातचीत
कलेक्टर ने विभिन्न बैरकों का निरीक्षण कर कैदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनसे जेल में मिलने वाली सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
खाली समय का करें सकारात्मक उपयोग
कैदियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वे अपने खाली समय का उपयोग रचनात्मक गतिविधियों में करें। उन्होंने पुस्तकों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के अध्ययन की सलाह देते हुए सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया।
रोजगारपरक प्रशिक्षण लेने के लिए किया प्रेरित
कलेक्टर ने कैदियों से कौशल विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि जेल में एसी रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग सहित कई रोजगारपरक प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इनका लाभ लेकर कैदी जेल से बाहर आने के बाद रोजगार या स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
स्वच्छ भोजन और योग पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल परिसर, रसोईघर और अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कैदियों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित योगाभ्यास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सीसीटीवी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू और पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
‘जेल केवल सजा नहीं, सुधार का भी केंद्र’
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और नई शुरुआत का माध्यम भी है। उन्होंने जेल प्रशासन से कैदियों के सामाजिक, मानसिक और व्यावसायिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जुड़ सकें।

