बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक जूलरी शॉप में 50 लाख की चोरी के आरोपी युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में हंगामा मच गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
कस्टडी में हुई मौत के बाद मचा बवाल
पुलिस के मुताबिक, सरगुजा जिले के नकना गांव निवासी 19 वर्षीय उमेश सिंह को बलरामपुर के चांदो रोड स्थित एक जूलरी शॉप में हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह चोरी 30-31 अक्टूबर की रात को हुई थी, जिसमें कुल नौ लोगों को पकड़ा गया है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने चोरी किए गए आभूषण खरीदे थे। पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।
पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
अधिकारियों ने बताया कि रविवार (9 नवंबर) को उमेश सिंह को सरगुजा से बलरामपुर पूछताछ के लिए लाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा कि मौत का कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
4 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, न्यायिक जांच शुरू
घटना के बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। इनमें निरीक्षक हिम्मत सिंह शेखावत, एसआई राधेश्याम विश्वकर्मा, कॉन्स्टेबल आकाश तिवारी और माधुरी कुजूर शामिल हैं। एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने बताया कि घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का प्रदर्शन, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने बलरामपुर जिला अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार का आरोप है कि उमेश को 7 नवंबर को पकड़ा गया था और बलरामपुर लाने से पहले दो दिन तक उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
पुलिस का दावा – युवक था सिकलसेल रोगी
वहीं, पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों ने बताया कि उमेश सिंह सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित था और पिछले एक वर्ष में करीब 10 बार अस्पताल में भर्ती हुआ था। पुलिस के अनुसार, रविवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता-पुत्र पर पहले से दर्ज हैं कई केस
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उमेश सिंह और उसके पिता हीरू उर्फ फेकू सिंह दोनों के खिलाफ सरगुजा संभाग में चोरी और सेंधमारी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं।