नई दिल्ली। खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग रखने का दावा करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपने ही संगठन में उठे विरोध के कारण चर्चा में है। पार्टी के एक सदस्य ने संगठन से अलग होने की घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना नया राजनीतिक दल खड़ा करने का भी ऐलान किया है।
पार्टी छोड़ने वाले नेता ने अभिजीत दीपके और उनके करीबी सहयोगियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि CJP में जिस तरीके से संगठन का संचालन हो रहा था, वह उनकी सोच और अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अभिजीत दीपके या पार्टी की ओर से इस पूरे विवाद पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अलग सोच के दावे वाली पार्टी में ही सामने आया मतभेद
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से अलग सोच के साथ हुई थी। पार्टी से जुड़े लोगों ने व्यवस्था में बदलाव और राजनीति के नए तरीके की बात कही थी। ऐसे में संगठन के भीतर से ही विरोध की आवाज उठना CJP के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।
पार्टी छोड़ने वाले सदस्य ने नए राजनीतिक मंच का किया ऐलान
CJP से अलग हुए सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर अपने फैसले की जानकारी दी है। उन्होंने संकेत दिया कि अब वह अपने विचारों और अलग कार्यशैली के आधार पर नया राजनीतिक मंच तैयार करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी जिस दिशा में आगे बढ़ रही थी, वह उनके विचारों से मेल नहीं खाती थी। इसी असहमति को उन्होंने संगठन से अलग होने की प्रमुख वजह बताया।
अभिजीत दीपके के नेतृत्व पर उठ सकते हैं सवाल
अभिजीत दीपके लंबे समय से राजनीति में अलग तरह की पहचान बनाने की कोशिश करते रहे हैं। उनका जोर पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था से हटकर नई शैली की राजनीति पर रहा है। लेकिन संगठन के शुरुआती दौर में ही सामने आया यह विवाद उनके नेतृत्व और पार्टी की आंतरिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से नए संगठन के लिए शुरुआती समय में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखना अहम होता है। ऐसे में मतभेद का बढ़ना CJP के विस्तार की राह को प्रभावित कर सकता है।
नई पार्टी की घोषणा, नाम और रणनीति अभी साफ नहीं
पार्टी से अलग हुए नेता ने नए दल के गठन का संकेत तो दे दिया है, लेकिन अभी उसके नाम, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
उनका कहना है कि नया संगठन अलग विचार और कार्यप्रणाली के साथ राजनीति में आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह पहल किस तरह आकार लेती है।
अब CJP की प्रतिक्रिया पर टिकी नजर
इस विवाद में अगला अहम घटनाक्रम अभिजीत दीपके और CJP की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया हो सकती है। पार्टी यदि लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखती है तो पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
फिलहाल पार्टी के भीतर सामने आए मतभेद ने CJP के सामने संगठनात्मक मजबूती की चुनौती खड़ी कर दी है। जिस संगठन ने खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग रखने की बात कही थी, उसे अब अपने ही भीतर उठे विरोध से निपटना होगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CJP इस विवाद को कैसे संभालती है और अलग हुए नेता की नई राजनीतिक पहल कितनी आगे बढ़ती है।

