दिल्ली : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद गांवों में अभियान चलाने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम को जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि CJP कार्यकर्ता सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें वहां से जाने को कह दिया। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को गांव से वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के स्कूल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य राजनीतिक संगठन के लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं CJP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
CJP प्रवक्ता ने लगाए पत्थरबाजी के आरोप
घटना को लेकर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि टीम के कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की गई। उनके मुताबिक कुछ वालंटियर्स को चोटें आईं और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मौके पर पहले से तनाव की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
रांका ने मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़ाया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी तरफ गांव के लोगों ने CJP के आरोपों को खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया। उनके मुताबिक CJP की टीम बड़ी संख्या में लोगों के साथ गांव पहुंची थी, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।
ग्रामीण जुगुल किशोर शर्मा ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से उनकी पत्नी डर गईं और घटना के बाद घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ी में तोड़फोड़ की।
अब जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
स्कूल सुधार अभियान के दौरान सामने आए इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक तरफ CJP कार्यकर्ता मारपीट और पत्थरबाजी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि ग्रामीण इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
अब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और तोड़फोड़ या हिंसा के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

