दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब संसद तक पहुंच गया है। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। लगातार विरोध के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।
विपक्ष ने तत्काल चर्चा की मांग उठाई
राज्यसभा में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे। विपक्ष का कहना था कि छात्रों से जुड़े इस गंभीर विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री को जवाब देना चाहिए।हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। सुबह की कार्यवाही के बाद दोपहर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते स्थिति नहीं बदली और अंत में कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
एक दिन पहले पीएम आवास के बाहर हुआ था प्रदर्शन
नीट मामले को लेकर विपक्ष पहले ही सड़क पर उतर चुका है। एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।इसका असर बुधवार को संसद की कार्यवाही में भी देखने को मिला।
सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन शर्तों का विरोध
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा कि सरकार नीट परीक्षा और कथित प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा की इच्छा जताई है और विपक्षी नेताओं को भी इसकी जानकारी दी गई है।रिजिजू ने कहा कि चर्चा किस नियम के तहत और किस तरीके से होगी, इस पर सभी पक्षों से बातचीत कर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, चर्चा से पहले शर्तें रखना उचित नहीं है।
हंगामे के बीच नहीं हो सकी चर्चा
दोपहर बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी सरकार की ओर से विपक्ष से सदन चलाने की अपील की गई। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा चाहती है, लेकिन इसके लिए विपक्ष को सरकार का पक्ष भी सुनना होगा।इसके बाद फिर से हंगामा शुरू हो गया और राज्यसभा की कार्यवाही आखिरकार अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

