Close Menu
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
What's Hot

आकिब नबी का टीम इंडिया डेब्यू रहा बेहद मुश्किल, 84 रन देकर 51 साल पुराना रिकॉर्ड किया अपने नाम

September 30, 2026

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के परिवारों को सरकार की बड़ी आर्थिक मदद, 174 प्रकरणों में 2.40 करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंचे

September 30, 2026

SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा एक्शन प्लान, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कदम और 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की तैयारी

September 30, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
Home»देश»बंद खदानों को मिलेगी नई पहचान…सरकार का बड़ा विजन…अब बनेंगी रोजगार, हरित विकास और नई अर्थव्यवस्था का आधार
देश

बंद खदानों को मिलेगी नई पहचान…सरकार का बड़ा विजन…अब बनेंगी रोजगार, हरित विकास और नई अर्थव्यवस्था का आधार

Daily PinchBy Daily PinchJuly 25, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Oplus_16908288
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक खदान बंदी को देश की सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन खदानों से खनिज संसाधन समाप्त हो चुके हैं, उन्हें अब बेकार जमीन नहीं, बल्कि नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

‘आरोह’ रिपोर्ट जारी कर दिया नया संदेश

नई दिल्ली में कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘आरोह-खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट’ जारी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बंद हो चुकी खदानों को केवल खनन गतिविधि के अंत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसरों की शुरुआत माना जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवाचार आधारित विकास दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

कचरे से संपदा बनाने पर दिया जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक खदान बंदी केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के बेहतर उपयोग, कचरे से संपदा निर्माण, भूमि के पुनर्विकास और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देती है।उन्होंने कहा कि एक कोयला खदान का संचालन भले समाप्त हो जाए, लेकिन उसी स्थान पर विकास और रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।

नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने में मिलेगी मदद

उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के वर्ष 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। उनके अनुसार, प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरण की बहाली सतत विकास के लिए आवश्यक है।

42 बंद खदानें बनीं सफल मॉडल

मंत्री ने वैज्ञानिक तरीके से बंद की गई 42 खदानों की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं भविष्य के लिए प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी हैं। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों का उपयोग कृषि, सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, पर्यटन, कौशल विकास केंद्रों तथा सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।

जर्मनी के साथ सहयोग को बताया अहम

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था जीआईजेड के बीच हुए कार्यान्वयन समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और भारतीय नवाचार का यह मेल वैज्ञानिक खदान बंदी को नई गति देगा। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की साझेदारी अन्य क्षेत्रों में भी अपनाई जानी चाहिए।

डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचेगी जानकारी

उन्होंने सुझाव दिया कि वैज्ञानिक तरीके से पुनर्विकसित प्रत्येक खदान पर छोटी डिजिटल फिल्में बनाई जाएं, ताकि आम नागरिक, नीति निर्माता और अन्य हितधारक इन सफल मॉडलों को बेहतर ढंग से समझ सकें। उनका मानना है कि इससे नवाचार और जनभागीदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

अन्य क्षेत्रों की सफल पहल का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने सड़क निर्माण में स्टील स्लैग के उपयोग और इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से जैव ईंधन बनाने जैसी पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की मदद से कचरे को मूल्यवान संसाधन में बदला जा सकता है और यही सोच वैज्ञानिक खदान बंदी की मूल अवधारणा है।

कोयला मंत्रालय तैयार कर रहा व्यापक मॉडल

कोयला मंत्रालय वैज्ञानिक खदान बंदी के लिए एक व्यापक ढांचा लागू कर रहा है। इसमें पर्यावरणीय बहाली, स्थानीय समुदायों का विकास और खनन के बाद भूमि के दीर्घकालिक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘आरोह-खदान बंदी पर वार्षिक रिपोर्ट’ में 42 वैज्ञानिक रूप से बंद की गई खदानों के विस्तृत अध्ययन, पुनर्विकास की प्रक्रिया और भविष्य की परियोजनाओं के लिए उपयोगी कार्यप्रणालियां भी शामिल की गई हैं।


Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Daily Pinch

Related Posts

आकिब नबी का टीम इंडिया डेब्यू रहा बेहद मुश्किल, 84 रन देकर 51 साल पुराना रिकॉर्ड किया अपने नाम

September 30, 2026

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के परिवारों को सरकार की बड़ी आर्थिक मदद, 174 प्रकरणों में 2.40 करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंचे

September 30, 2026

SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा एक्शन प्लान, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कदम और 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की तैयारी

September 30, 2026

Latest News

खेल

आकिब नबी का टीम इंडिया डेब्यू रहा बेहद मुश्किल, 84 रन देकर 51 साल पुराना रिकॉर्ड किया अपने नाम

By Daily PinchSeptember 30, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के परिवारों को सरकार की बड़ी आर्थिक मदद, 174 प्रकरणों में 2.40 करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंचे

By Daily PinchSeptember 30, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा एक्शन प्लान, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कदम और 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की तैयारी

By Daily PinchSeptember 30, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

भारत में Apple Pay की शुरुआत, iPhone से कार्ड पेमेंट का बदला तरीका; जानें कैसे करेगा काम और अभी किन कार्ड्स को मिला सपोर्ट

By Daily PinchSeptember 30, 2026
About Us
About Us

Daily Pinch एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है जहाँ आपको ताज़ा खबरें, ट्रेंडिंग अपडेट्स और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
Our Picks

आकिब नबी का टीम इंडिया डेब्यू रहा बेहद मुश्किल, 84 रन देकर 51 साल पुराना रिकॉर्ड किया अपने नाम

September 30, 2026

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के परिवारों को सरकार की बड़ी आर्थिक मदद, 174 प्रकरणों में 2.40 करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंचे

September 30, 2026

SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा एक्शन प्लान, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कदम और 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की तैयारी

September 30, 2026
Most Popular

नौसेना प्रमुख ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा

August 13, 20261,037

मंदिर से पूजा कर घर लौट रही महिला को हाइड्रा ने कुचला, मौके पर मौत से परिवार में मचा कोहराम

August 16, 2026370

खुजली करने से क्यों बढ़ जाती है परेशानी? जानिए कीड़े के काटने पर क्या करें और क्या नहीं

July 3, 2026301
© 2026 Daily Pinch.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.