राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा पार कर गया है। सोमवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण राजधानी की हवा जहरीली हो चुकी है और लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, आनंद विहार, द्वारका, पंजाबी बाग और आईटीओ जैसे इलाकों में AQI 420 से 460 के बीच दर्ज किया गया है। यह स्थिति पिछले साल की तुलना में भी अधिक खराब मानी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की गति धीमी होने और पराली जलने की घटनाओं में वृद्धि के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ा है।
दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। नोएडा में AQI 385, गाजियाबाद में 398, गुरुग्राम में 376 और फरीदाबाद में 402 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और इससे बुजुर्गों, बच्चों तथा अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। दिल्ली सरकार ने हालात को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी और सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसी सख्तियां बढ़ा दी गई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि प्रदूषण के इस स्तर पर लगातार संपर्क में रहना फेफड़ों और हृदय के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राजधानी की हवा में बढ़ता ज़हर अब एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। सरकारें कदम उठा रही हैं, लेकिन जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक दिल्ली-NCR की सांसों में घुला यह ज़हर कम नहीं होगा।