दिल्ली: राजनीति में एक बार फिर सुकेश चंद्रशेखर का नाम चर्चा में है। जेल में बंद सुकेश ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को संबोधित करते हुए एक पत्र जारी किया। इसमें उसने कथित भ्रष्टाचार से जुड़े तीन और मामलों का खुलासा करने की चेतावनी दी है।सुकेश ने अपने पत्र में दावा किया कि शराब नीति मामले के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित मामले को सामने लाया जाएगा। इसके बाद तीन अन्य विभागों में कथित घोटाले और भ्रष्टाचार का खुलासा करने की बात भी उसने कही है।
जल बोर्ड के बाद तीन और मामलों का दावा
पत्र में सुकेश ने आरोप लगाया कि वह आम आदमी पार्टी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों को सामने लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उसने दावा किया कि शराब नीति मामले के बाद अब जल बोर्ड से जुड़ी कथित अनियमितताओं की बारी है।इसके बाद तीन और बड़े विभागों से संबंधित कथित घोटालों को उजागर करने की बात कही गई है। हालांकि, पत्र में इन कथित मामलों के बारे में विस्तृत तथ्य या दस्तावेज सामने नहीं रखे गए हैं।
केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर तीखा हमला
सुकेश ने पत्र में केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर निशाना साधते हुए राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया। उसने आम आदमी पार्टी के लिए आपत्तिजनक तरीके से एक नया अर्थ भी गढ़ा और पार्टी को कथित घोटालों से जोड़ने की कोशिश की।उसने पंजाब में भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ जनता के रुख की भविष्यवाणी की और कहा कि वहां पार्टी को दिल्ली से भी अधिक कड़ा राजनीतिक जवाब मिल सकता है।
Gen Z को लेकर भी किया बड़ा दावा
पत्र में सुकेश ने युवाओं और Gen Z का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें प्रभावित करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उसने यह भी दावा किया कि उसका केजरीवाल के साथ 2015 और 2016 से जुड़ा कोई पुराना संबंध रहा है और जल्द ही इससे संबंधित ऐसा खुलासा करेगा, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच सकती है।हालांकि, इस कथित पुराने संबंध को लेकर पत्र में कोई ठोस प्रमाण या विस्तृत जानकारी सामने नहीं दी गई है।
सुकेश ने कहा, करेंगे कई और खुलासे
अपने पत्र के अंत में सुकेश ने केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई और खुलासे करने की बात दोहराई। उसने इसे अपना अंतिम प्रहार बताते हुए कथित तौर पर हिसाब चुकता करने की बात भी कही।फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर की ओर से लगाए गए ये आरोप उसके पत्र में किए गए दावे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

