Delhi School News: नई दिल्ली के एक स्कूल में छात्रा की मौत के मामले ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में अनुशासन के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि छात्रा को तेज धूप में सजा के तौर पर खड़ा किया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।घटना के बाद छात्रा के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि बच्ची को स्कूल परिसर में धूप में सजा दी गई थी, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई।
जांच पूरी होने तक शिक्षिका स्कूल से दूर
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित शिक्षिका का तबादला दूसरे स्थान पर कर दिया गया है।अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल शिक्षिका को मूल स्कूल से हटाकर दूसरे स्थान पर भेजा गया है।
स्कूल प्रशासन से मांगे गए रिकॉर्ड
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से घटना से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट और आवश्यक रिकॉर्ड मांगे हैं। छात्रा की तबीयत बिगड़ने के समय स्कूल में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है।जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा को किस वजह से सजा दी गई थी, उसे कितनी देर तक धूप में रखा गया और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्कूल की ओर से क्या कदम उठाए गए।
अभिभावकों ने स्कूल की व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्रा की मौत के बाद अभिभावकों ने स्कूल में बच्चों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर चिंता जताई है। उनका सवाल है कि अनुशासन बनाए रखने के नाम पर बच्चों को ऐसी सजा कैसे दी जा सकती है, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा पैदा हो।मामले ने स्कूलों में अनुशासन के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
बच्चों को जोखिम वाली सजा से बचाने पर जोर
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को बच्चों के साथ अनुशासन के दौरान किसी भी तरह की शारीरिक या जोखिम भरी सजा से बचने का निर्देश दिया है। विभाग का जोर इस बात पर है कि स्कूलों में अनुशासन कायम रखते समय बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।फिलहाल छात्रा की मौत के मामले में जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।

