रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से महत्वपूर्ण मांग की है। एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि प्रदेश के सभी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन शनिवार को सुबह की पाली में कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गर्मी से राहत मिल सके और उनकी पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी प्रभावित न हों।
शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों को भेजा गया प्रस्ताव
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट लागू करने से विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बहुआयामी विकास को बेहतर अवसर मिलेगा।
पढ़ाई के साथ खेल और योग को भी मिलेगा बढ़ावा
एसोसिएशन का कहना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि योग, खेलकूद, पीटी और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बेहद जरूरी हैं। सुबह का समय इन गतिविधियों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, जबकि दोपहर की तेज गर्मी के कारण इन्हें प्रभावी ढंग से आयोजित करना मुश्किल हो जाता है।
शनिवार को सुबह स्कूल लगने के बताए कई फायदे
टीचर्स एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण तर्क रखे हैं। उनका कहना है कि सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर सुबह स्कूल लगने से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा। इससे वे पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा को खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बेहतर तरीके से निखार सकेंगे।
एक ही परिसर में दो शिफ्ट से बढ़ रही प्रबंधन की परेशानी
एसोसिएशन ने यह भी बताया कि कई स्कूल परिसरों में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुबह संचालित होते हैं, जबकि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल दोपहर में चलते हैं। इससे स्कूल प्रबंधन और संसाधनों के संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं। यदि शनिवार को सभी स्कूल सुबह संचालित होंगे तो इन समस्याओं का समाधान भी संभव होगा।
छात्रहित में जल्द आदेश जारी करने की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुविधा और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द आदेश जारी कर प्रदेश के सभी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शनिवार को प्रातःकालीन पाली में कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था लागू की जाए।

