जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले की बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ हवाई अड्डा परियोजना एक बार फिर अड़चन में फंसती नजर आ रही है। जमशेदपुर वन प्रमंडल की ओर से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी AAI को तीन बार पत्र भेजे जाने के बावजूद जरूरी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। दस्तावेज नहीं मिलने के कारण वन विभाग से जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है।
लंबे समय से प्रस्तावित इस एयरपोर्ट को जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अहम परियोजना माना जाता है। ऐसे में एक जरूरी रिपोर्ट के इंतजार में प्रक्रिया अटकने से परियोजना की समयसीमा और भविष्य को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
वन भूमि से जुड़ी मंजूरी बनी अहम कड़ी
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना में वन और पर्यावरण से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हैं। किसी परियोजना में वन भूमि का इस्तेमाल होने की स्थिति में निर्धारित नियमों के तहत संबंधित अनुमति और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी होता है।
इसी सिलसिले में जमशेदपुर वन प्रमंडल को AAI से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी और रिपोर्ट की आवश्यकता है। वन विभाग की ओर से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तीन बार पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। लेकिन अपेक्षित रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण विभाग आगे की समीक्षा नहीं कर पा रहा है।
पुराने हवाई क्षेत्र को नागरिक सेवा के लिए विकसित करने की योजना
धालभूमगढ़ में पहले से मौजूद हवाई क्षेत्र को विकसित करके नागरिक विमान सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई थी। परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों और कारोबारी वर्ग में काफी उम्मीदें रही हैं।
जमशेदपुर देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है और यहां लंबे समय से बेहतर हवाई संपर्क की मांग उठती रही है। एयरपोर्ट शुरू होने पर औद्योगिक गतिविधियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है।
दस्तावेजों की देरी ने फिर बढ़ाई चिंता
एयरपोर्ट परियोजना लंबे समय से वन भूमि और पर्यावरण संबंधी मुद्दों के कारण आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करती रही है। अब AAI से मांगी गई रिपोर्ट नहीं मिलने की जानकारी ने एक बार फिर परियोजना की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग को रिपोर्ट मिलने के बाद उससे जुड़े तथ्यों और परियोजना के वन एवं पर्यावरणीय पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
जमशेदपुर के कारोबारी वर्ग की भी टिकी नजर
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर देखा जाता है। बेहतर विमान सेवा मिलने से औद्योगिक शहर का दूसरे प्रमुख कारोबारी केंद्रों से संपर्क आसान होने की उम्मीद है।
फिलहाल स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों की नजर AAI की ओर से मांगी गई रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट कब उपलब्ध होती है और उसके बाद वन एवं पर्यावरण से जुड़ी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है, इसी पर धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की अगली दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

