असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य में हालिया बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की जानकारी दी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, पुनर्निर्माण और लोगों की आजीविका दोबारा पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार की योजना भी साझा की।सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने असम की चिंताओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर जोर
कर्तव्य भवन में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन और प्रभावित इलाकों में आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का फोकस केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनकी आजीविका बहाल करने पर भी काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सहयोग की जरूरतों को भी वित्त मंत्री के सामने रखा और प्रभावित लोगों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
केंद्र सरकार के सहयोग का मिला भरोसा
हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम की जरूरतों पर सकारात्मक रुख दिखाया और केंद्र सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और इस दौरान केंद्र का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
इन जिलों में पुनर्निर्माण की चुनौती
असम सरकार फिलहाल बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जैसे जिलों में नुकसान का आकलन कर रही है। इन क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के साथ पुनर्वास, पुनर्निर्माण और आजीविका बहाली की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अखिल गोगोई ने की 10 लाख रुपये सहायता की मांग
इस बीच शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और पुनर्वास पैकेज की मांग की है। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है।गोगोई ने बाढ़ से घरों, कृषि भूमि, पशुधन और लोगों की आजीविका को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए स्थिति की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कोयला और पत्थर खनन गतिविधियों की कथित भूमिका की भी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

