मुंबई। मुंबई के पायधुनी में बिरयानी खाने के बाद तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। बताया जा रहा कि शुरुआती तौर पर तरबूज खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
जांच में तरबूज, बिरयानी, चावल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट या रासायनिक पदार्थ के इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं। जानकारी के अनुसार, मुंबई के पायधुनी इलाके में रहने वाले डोकडिया परिवार के साथ यह दिल दहला देने वाली घटना 23 अप्रैल की रात को हुई। परिवार ने रात के भोजन में बड़े चाव से बिरयानी खाई थी और उसके बाद मीठे के तौर पर तरबूज का सेवन किया था।
हालांकि, इस भोजन के कुछ ही घंटों बाद पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं, जब परिवार के सभी सदस्यों को अचानक गंभीर रूप से उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, जहर या संक्रमण के घातक असर के कारण इलाज के दौरान परिवार के चारों सदस्यों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया।
इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों में 44 वर्षीय परिवार के मुखिया अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी 35 वर्षीय पत्नी नसरीन और उनकी दो मासूम बेटियां-16 वर्षीय आयशा व 12 वर्षीय जैनब शामिल हैं। एक ही परिवार के चार चिरागों के इस तरह बुझ जाने से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
हरे रंग के हो गए थे शरीर के अंग
आपको बता दें कि FDA अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी जांच केवल खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि तक सीमित थी। हालांकि बैक्टीरियल इन्फेक्शन या किसी जहरीले पदार्थ की संभावना से अभी इनकार नहीं किया गया है। इसी बीच प्राथमिक फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों के दिमाग, दिल और आंत जैसे महत्वपूर्ण अंग हरे रंग के पाए गए, जिसे विशेषज्ञ सामान्य फूड पॉइजनिंग से अलग मान रहे हैं।