दुर्ग। छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दुर्ग रेंज साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर बीमा पॉलिसी की राशि वापस दिलाने का झांसा दिया और एक पीड़ित से करीब 1.60 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह मामला केवल बैंक खातों के दुरुपयोग तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार विदेशी साइबर अपराधियों से भी जुड़े हुए हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच, तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
मामले में रेंज साइबर थाना दुर्ग में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(4), 336(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ और बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच की दिशा दिल्ली तक पहुंची, जहां विशेष टीम ने तीन संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
पैसों के लालच में उपलब्ध कराते थे बैंक खाते
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पैसों के बदले बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन खातों का उपयोग एक नाइजीरियन साइबर ठगी नेटवर्क कर रहा था, जिसके जरिए देशभर में लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।
ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाई गई आरोपी टीम
पुलिस ने मनमीत सिंह, अमनदीप सिंह और ईशांत माहे उर्फ ईशु को 1 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार किया। इसके बाद अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर तीनों को दुर्ग लाया गया, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- मनमीत सिंह (42 वर्ष), निवासी तिलक विहार, तिलक नगर, नई दिल्ली।
- ईशांत माहे उर्फ ईशु (37 वर्ष), निवासी चंदर विहार, निलोठी एक्सटेंशन, दिल्ली।
- अमनदीप सिंह (33 वर्ष), मूल निवासी श्रीगंगानगर, राजस्थान, वर्तमान निवासी चंदर विहार, निलोठी, दिल्ली।
छापे में कई अहम सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण सामान भी बरामद किए हैं। इनमें तीन मोबाइल फोन, छह बैंक पासबुक, चार चेकबुक और विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड शामिल हैं। इन सामग्रियों के आधार पर पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
साइबर थाना टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में रेंज साइबर थाना दुर्ग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा के निर्देशन में किया गया। निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट सहित साइबर थाना के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने तकनीकी जांच और छापेमारी अभियान को अंजाम देकर इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया।

