इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में भारत की 125 रन की हार के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर पहली बार खुलकर अपनी राय रखी। जिम्बाब्वे दौरे की टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर उठ रहे सवालों के बीच गंभीर ने साफ किया कि भारतीय टीम में चयन केवल प्रदर्शन और टीम के संतुलन के आधार पर होता है।
लगातार खराब प्रदर्शन पड़ा भारी
संजू सैमसन हाल के मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। आयरलैंड दौरे पर दोनों मैचों में उनका बल्ला शांत रहा और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह केवल एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद उन्हें दूसरे मैच की अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। बाद में जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद चयनकर्ताओं के फैसले पर लगातार सवाल उठने लगे।
गंभीर बोले, निजी बातचीत सार्वजनिक नहीं होगी
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को उनकी भूमिका और भविष्य को लेकर पूरी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच हुई चर्चा निजी है और उसे सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार खिलाड़ी और कोच के बीच होने वाली बातचीत गोपनीय रहनी चाहिए।
अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो वापसी तय
गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि सैमसन के लिए भारतीय टीम के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का पिछला योगदान महत्वपूर्ण होता है, लेकिन राष्ट्रीय टीम में जगह बनाए रखने के लिए वर्तमान प्रदर्शन सबसे अधिक मायने रखता है। यदि संजू लगातार अच्छा खेल दिखाते हैं तो उनकी वापसी पूरी तरह संभव है।
टीम चयन का एक ही आधार, नतीजे और संतुलन
भारतीय कोच ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर फैसला टीम के हित और परिणामों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। टीम प्रबंधन उसी संयोजन के साथ मैदान में उतरता है जिससे जीत की संभावना सबसे अधिक हो। उन्होंने दोहराया कि भारतीय टीम में स्थान किसी खिलाड़ी को उसके नाम से नहीं, बल्कि लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर मिलता है।

