भारत में सोने और चांदी के आयात में इस साल जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। रिकॉर्ड हाई कीमतों के बावजूद सोने का आयात 200% तक बढ़ गया है, जबकि चांदी का इंपोर्ट पिछले साल की तुलना में 6 गुना ज्यादा रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊंची होने के बावजूद भारत में इन दोनों कीमती धातुओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो बाजार विशेषज्ञों को भी चौंका रही है। त्योहारों, शादियों के सीजन और निवेशकों की बढ़ती रुचि को इस उछाल की बड़ी वजह माना जा रहा है।
सोने के आयात में 200% की बढ़ोतरी बताती है कि कीमतें बढ़ने के बाद भी भारतीय बाजार में गोल्ड की डिमांड कम नहीं हुई। ज्वेलरी सेक्टर की मजबूत मांग के साथ-साथ निवेश के लिए गोल्ड खरीदने वालों की संख्या भी बढ़ी है। महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के बीच गोल्ड को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिसके चलते इसका इंपोर्ट लगातार बढ़ रहा है।
दूसरी तरफ चांदी के आयात में 6 गुना बढ़ोतरी बेहद चौंकाने वाली है। विशेषज्ञों का कहना है कि उद्योगों में चांदी की खपत बढ़ने के साथ-साथ रिटेल मार्केट में सिल्वर ज्वेलरी और सिल्वर कॉइन्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और मेडिकल उपकरणों में भी चांदी की मांग बढ़ने से इसका इंपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आने वाले महीनों में भी सोने-चांदी की मांग मजबूत रहने की संभावना जताई जा रही है।