हरिद्वार ; रोशनाबाद जेल के सीनियर सुपरिटेंडेंट मनोज कुमार आर्या को WhatsApp के जरिए कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी देने वाले व्यक्ति ने डर पैदा करने के लिए ‘लॉरेंस ग्रुप’ का नाम भी लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिडकुल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp कॉल के बाद आए धमकी भरे मैसेज
हरिद्वार के SSP नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार जेल अधीक्षक को पहले WhatsApp पर एक धमकी भरा कॉल आया। इसके बाद उनके मोबाइल पर कई मैसेज भेजे गए। घटना की जानकारी पुलिस को देने के साथ जेल अधीक्षक ने लिखित शिकायत भी दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
SSP ने बताया कि मामला एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ा होने के साथ इसमें एक गैंगस्टर का नाम भी इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से जांच के लिए SOG की टेक्निकल टीम और साइबर टीम को लगाया गया है।
पुलिस को आरोपी के बारे में मिली अहम जानकारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी जांच के दौरान धमकी देने वाले व्यक्ति के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि SSP ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में धमकी देने वाले व्यक्ति का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई या उसके किसी ग्रुप से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने केवल डर और दबाव बनाने के लिए गैंगस्टर का नाम इस्तेमाल किया हो।
महिला कैदी से जुड़े विवाद के बाद आया धमकी का मामला
जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि धमकियों का संबंध जेल में बंद एक महिला कैदी शीला से जुड़ी घटना के बाद सामने आया। उनके अनुसार शीला ने कथित तौर पर एक महिला डिप्टी जेलर के साथ दुर्व्यवहार किया था। इस व्यवहार को लेकर उसे फटकार लगाई गई थी।
आर्या के मुताबिक, इसके बाद 8 सितंबर को महिला कैदी का कथित पति हिमांशु जेल पहुंचा। बाद में उसने जेल अधीक्षक से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद WhatsApp के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए।
गोली मारने की धमकी का भी आरोप
जेल अधीक्षक के अनुसार धमकी भरे संदेशों में उन्हें गोली मारने और जान से खत्म करने की बात कही गई। इसी दौरान कथित आरोपी ने ‘पंजाब के लॉरेंस ग्रुप’ का भी जिक्र किया।
घटना के बाद जेल अधीक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरी जानकारी दी और लिखित शिकायत सौंपी। पुलिस ने सिडकुल थाने में FIR दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है।

