हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सेप्टिक टैंक में छिपाकर रखी गई अवैध शराब निकालने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला, उसका बेटा और एक रिश्तेदार शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से तीनों की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद गांव का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में अवैध महुआ शराब छिपाकर रखी गई है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार रात चमेली देवी के घर पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई के बाद 50 वर्षीय चमेली देवी घर के सेप्टिक टैंक में छिपाकर रखी शराब निकालने पहुंची थी, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से वह टैंक के अंदर ही बेहोश हो गई। मां को बचाने के लिए उसका 25 वर्षीय बेटा रवि कुमार तुरंत टैंक में उतरा, लेकिन वह भी कुछ ही देर में बेहोश हो गया। इसके बाद 30 वर्षीय रिश्तेदार मदन साव दोनों को बचाने के लिए अंदर गया, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। देखते ही देखते तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद रात करीब 9 बजे तीनों शवों को टैंक से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया है।
कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में दम घुटने से मौत की आशंका सामने आई है। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंक में महुआ शराब छिपाकर रखी गई थी और संभवतः जहरीली गैस बनने के कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।

