रसोई में आसानी से मिलने वाली दालचीनी स्वाद और खुशबू के साथ स्वास्थ्य के लिए भी कई संभावित फायदे रखती है। कुछ शोधों में इसके सेवन से LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि दालचीनी को कोलेस्ट्रॉल की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
खाने में दालचीनी शामिल करने का आसान तरीका
डॉक्टरों के अनुसार दालचीनी को संतुलित आहार के हिस्से के रूप में लेना बेहतर है। इसकी थोड़ी मात्रा चाय, दूध, दलिया या अन्य भोजन में मसाले के रूप में मिलाई जा सकती है।
इसका सेवन करते समय चीनी या शहद की अधिक मात्रा से बचना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें ब्लड शुगर या वजन से जुड़ी परेशानी है। दालचीनी के सप्लीमेंट या अधिक मात्रा में सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
क्या सच में कम होता है बैड कोलेस्ट्रॉल?
दालचीनी और कोलेस्ट्रॉल पर हुए वैज्ञानिक अध्ययनों के नतीजे पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। कुछ शोधों में LDL, कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड में कमी देखी गई है। एक मेटा-एनालिसिस में मेटाबॉलिक बीमारियों वाले लोगों में LDL स्तर में औसतन लगभग 6.36 mg/dL की कमी दर्ज की गई।
वहीं कुछ अन्य वैज्ञानिक समीक्षाओं में LDL को कम करने पर दालचीनी का प्रभाव महत्वपूर्ण स्तर पर साबित नहीं हुआ। ऐसे में इसे बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने का निश्चित इलाज मानना सही नहीं है।
दालचीनी से मिल सकते हैं ये संभावित फायदे
कुछ अध्ययनों में दालचीनी के सेवन को कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड में संभावित सुधार से जोड़ा गया है। LDL पर भी मामूली असर देखने को मिला है, लेकिन यह हर व्यक्ति में समान नहीं होता।
दालचीनी में कई जैव सक्रिय और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं। ब्लड शुगर के स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर भी शोध किए गए हैं, लेकिन इसके लाभों पर अभी निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
कैसिया दालचीनी का अधिक सेवन हो सकता है नुकसानदायक
लंबे समय तक अधिक मात्रा में कैसिया दालचीनी लेने में सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें कौमारिन नामक तत्व अधिक मात्रा में हो सकता है, जो कुछ लोगों में खासतौर पर अधिक सेवन की स्थिति में लिवर के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
लिवर से जुड़ी बीमारी वाले लोग, गर्भवती महिलाएं और नियमित रूप से दवाएं लेने वाले लोगों को दालचीनी की अधिक मात्रा या सप्लीमेंट लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।
दवा छोड़कर सिर्फ दालचीनी पर न रहें निर्भर
अगर LDL स्तर बहुत अधिक है या डॉक्टर ने कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने के लिए दवा दी है, तो केवल दालचीनी के भरोसे दवा बंद करना सही नहीं है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार महत्वपूर्ण हैं।
दालचीनी को रोजमर्रा की डाइट में एक मसाले के रूप में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज मानने के बजाय संतुलित जीवनशैली का सहायक हिस्सा समझना अधिक उचित है।

