अलीगढ़ : नगर निगम के कॉल सेंटर में ड्यूटी के दौरान रील बनाना एक आउटसोर्स कर्मचारी को महंगा पड़ गया। मामला सामने आने और उससे जुड़ा ऑडियो वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर संबंधित कर्मचारी की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
नगर निगम के मुताबिक कर्मचारी कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और नगर निगम कॉल सेंटर में कॉल टेकर के पद पर तैनात थी।
वहां जिम्मेदारी कुछ और थी, लेकिन गतिविधि ने खड़ा कर दिया सवाल
नगर निगम के अनुसार कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थी, इसी दौरान रील बनाए जाने का मामला सामने आया। बाद में इससे संबंधित ऑडियो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद इसे केवल सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का मामला नहीं माना गया। नगर निगम ने इसे सरकारी कार्य के दौरान लापरवाही, निर्धारित जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता और कर्मचारी आचरण नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा।
नगर आयुक्त के निर्देश के बाद तुरंत हुई कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने तत्काल संज्ञान लिया और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर निगम की ओर से संबंधित आउटसोर्स कॉल टेकर अंजू चौधरी की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।
कॉल सेंटर में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी नागरिकों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं को दर्ज करने के साथ संबंधित सेवाओं के संचालन में सहयोग करना है। ऐसे महत्वपूर्ण केंद्र पर ड्यूटी के दौरान गैरजरूरी गतिविधि को प्रशासन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
अधिकारी ने साफ कर दिया, ड्यूटी में लापरवाही अब आसानी से नहीं चलेगी
नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम नागरिकों को बेहतर और प्रभावी सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी काम के दौरान लापरवाही, अनुशासनहीनता या नगर निगम की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के कर्मचारियों के बीच ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के इस्तेमाल और कार्यस्थल पर अनुशासन को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना है। प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह संकेत भी दिया है कि सरकारी जिम्मेदारी के समय सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।

